जम्मू कश्मीर राज्य में पंचायती चुनावों की तिथि की घोषणा होने के ठीक बाद डॉ. फारूक अब्दुल्ला और राज्यपाल दोनों ने लोगों से चुनावों में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की गयी। डॉ. फारूक ने लोगों से कहा कि अगर आप लोग बेहतर जिन्दगी जीना चाहते हो, अमन और शांति चाहते हो तो वोट डालकर जमीनी स्तर पर ऐसे प्रतिनिधि को चुने जो आपको मुसीबतों से निकाल सके। वही राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने डॉ. फारूक की हिम्मत की दात देते हुए कहा कि जो बात आप कह सकते हो कोई नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि वो लोगों से अपील करते हैं कि वह आने वाले चुनावों में वोट दें।
श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर नेता और सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने पंचायती चुनावों की घोषणा की है, यह कोई हिन्दुस्तान और पाकिस्तान का फैसला नहीं है बल्कि यह आपकी अपनी जिन्दगी को बेहतर बनाने का फैसला है। उन्होंने वहां बैठे लोगों से पूछते हुए कहा कि क्या आप अपने गांव को बेहतर बनाना चाहते है, अपनी मुश्किलों को दूर करना चाहते हैं या नहीं? डॉ. फारूक ने कहा कि कुछ तंजीमें कोशिश करेंगी कि यह न हों क्यूंकि उनकी रोटी हमारी मुसीबतों से ही पकती है।
उन्होंने कहा आज के समय में होटल, हाउसबोट, शिकारे वाले सभी खाली पड़े हैं। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, आदि जैसे सभी पर्यटन स्थल खाली हैं, वहां के व्यवसायी रो रहे हैं। कब तक हम लोग मरते जाएंगे लेकिन एक दिन फैसला होगा पर हम लोगों को भी अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश करनी चाहिए। डॉ. फारूक ने कहा कि मैं राज्यपाल के सामने यह बात कह रहा हूं कि यह सब ठीक करना इतना आसान नहीं है। वो ताकतें यहां हमारे खून पर जिंदा हैं और कभी नहीं चाहेंगी कि यहां अमन हो।
डॉ. फारूक ने कहा कि दिल्ली की भी हालातों को बिगाड़ने में कई गलतियां हैं। 35ए के मसले को उठाने की क्या जरुरत थी। ऐसी चीजों से यहां के लोगों के दिल दुखते हैं और अगर दिलों से दिल मिलाने हैं तो ऐसे काम करने हैं जिससे लोगों के दिल जीते जा सकें। उन्होंने कहा कि अगर अपना भविष्य सवारना है तो उसके लिए चुनाव जरूरी है और अगर भविष्य नहीं सुधारना बर्बादी की तरफ जाना चाहते हो तो कोई रोकने वाला नहीं। लेकिन अगर आप बच्चों के भविष्य को सुधारना चाहते हैं उन्हें राज्य के बाहर के बच्चों के साथ मुकाबला करवाना चाहते हैं तो इनको उस लेवल पर लाएं जहां वे मुकाबला कर सकें। लेकिन अगर ऐसे ही यहां स्कूल बंद होते रहे तो नहीं कर सकेंगे। डॉ. फारूक ने कहा कि भविष्य तब बनेगा जब हम रियासत को इस दलदल से निकालेंगे। मुझे यकीन है कि वो जमाना आएगा जब हम अमन से रह सकेंगे और उस मुल्क के साथ भी अमन में रहेंगे जिसे पाकिस्तान कहते हैं, हमारा उनके साथ गहरा रिश्ता है हमारा पानी सब उनकी ओर जाता है। आज से ही आप लोग तैयार हो जाएं और एक ऐसे आदमी को उनके सामने लाए जो आपको मुसीबतों से बाहर निकाले।
वहीं राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने अपने सम्भोदन के दौरान कहा कि जब जब फारूक साहब मेरे साथ होते हैं तो मेरा हौंसला बढ़ जाता है। डॉ. फारूक की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आपने एक ऐसी चीज का जिक्र कर दिया राज्यपाल होकर भी मैं उस चीज का जिक्र नहीं करता। मलिक ने कहा करना तो चाहिए लेकिन नहीं करता क्यूंकि जो मेरे ऊपर नियम कायदे थोपे गए हैं उसके चलते। लेकिन मैं आपकी दात देता हूं कि आप वो बात कह सकते हैं जो कोई नहीं कह सकता। उन्होंने कहा कि आपने चुनावों को लेकर कहा इससे बड़ी सच्चाई कोई नहीं हो सकती कि पंचायत के चुनाव न दिल्ली वालों के लिए हैं न श्रीनगर वालों के लिए यह उनके लिए हैं जो वोट डालेंगे। मलिक ने कहा कि आज आप अफसरों के दरवाज़े पर जाते हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती। लेकिन जब चुना हुआ नुमाईन्दा होगा तो आप उसको गाली देकर भी अपना काम निकलवा सकते है अगर सुनवाई नहीं होगी। जो रुपया आएगा वो अगर कुछ कहेगा भी लेकिन आपके वहां भी लगाएगा। यह वोट आपको ताकत देती है, इससे न हिदुस्तान का फायेदा होता है न पाकिस्तान का और नाही इससे कश्मीर का मसला हल होगा इससे सिर्फ आपके मसले हल होते हैं। आपसे प्रार्थना करता हूं कि आने वाले चुनावों में वोट दें।
गौरतलब है कि कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि पंचायती चुनावों को लेकर सही वक्त और हालत मैं नहीं जानता लेकिन तिथि की घोषणा हुई है, वो होकर रहेंगे। इस बीच कुछ सवालों के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि चुनावों के लिए बहुत बढ़िया तैयारियां रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लोगों के लिए हैं, उन्ही के काम आना है क्यूंकि जमीनी स्तर पर पॉवर मिलेगा। वहीं माहोल कलो लेकर मलिक ने कहा कि माहोल बनाना लोगों के ऊपर निर्भर है, वो तह करेंगे तो माहोल अच्छा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के लिहाज से जो इन्तिजाम होने चाहिए वो किये जाएंगे।