इस दौरान तीन महार के साथ स्थायी पोर्टर के रूप में कार्यरत खखर टीटवाल निवासी अमराइज अहमद पास ही मौजू थे। गोलीबारी में वह सुरक्षित बच गए हैं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की स्थिति का जायजा लिया। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फायरिंग पोर्टर को लक्ष्य बनाकर की गई थी या किसी अन्य कारण से। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से घटना के अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, सेना की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
टीटवाल करनाह सेक्टर में एलओसी से सटा बेहद संवेदनशील इलाका है। यहां किशनगंगा नदी के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) का क्षेत्र है। इसी क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच अधिकृत मानवीय आदान-प्रदान और प्रत्यावर्तन के लिए टीटवाल क्रॉसिंग भी है। जून में एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे एक पाकिस्तानी नागरिक को जांच के बाद यहीं से वापस भेजा गया था।
श्रीनगर के बटमालू में तलाशी अभियान
शहर के बटमालू स्थित एसडी कॉलोनी क्षेत्र में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने अचानक घेराबंदी कर घर-घर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक, एक विशेष सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया। इस दौरान घर-घर जाकर तलाशी ली गई और निवासियों के पहचान पत्रों की गहन जांच की गई। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के दौरान इलाके के प्रमुख मोड़ों और रास्तों पर बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था। इलाके में यह तलाशी अभियान कुछ देर तक चला, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गई।