आतंकियों की घुसपैठ कराने में नाकाम हो रहे पाकिस्तान ने रेडियो से अपना दखल बढ़ाना शुरू कर दिया है।
पाकिस्तान ने सियालकोट रेडियो स्टेशन के मार्फत भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा तेज कर दिया है। पाकिस्तान ने अपने एफएम चैनल 94.0 की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी है, जिससे घाटी ही नहीं जम्मू के कई इलाकों में पाकिस्तान का सिगनल आसानी से पहुंच रहा है।
रेडियो के माध्यम से पाकिस्तानी चैनल कश्मीर हिंसा का जिक्र आपत्तिजनक लहजे और अतिरेक में कर रहा है।
भारत के खिलाफ देर रात प्रसारण करते हैं पाक चैनल
भारत-पाक सीमा
- फोटो : PTI
चैनल में निश्चित अंतराल में प्रसारित होने वाले समाचार बुलेटिन के अलावा संवाद कार्यक्रमों में भारत विरोधी तत्वों को बड़े ही सम्मान सूचक शब्द मसलन ‘कश्मीरियों के हमदर्द’, ‘कश्मीरियों के हिमायती’ का प्रयोग किया जा रहा है।
भारतीय सेना के जवानों और जेएंडके पुलिस पर जानलेवा हमला करने के दौरान जवाबी हमले में जान गंवाने वाले लोगों को ‘शहीद’ संबोधन दिया जा रहा है। घाटी में मृतकों की संख्या भी अधिक बताई जाती है।
खास बात यह है कि चैनल का प्रसारण देर रात बड़ी मशरूफियत से उस समय होता है, जब भारतीय रेडियो चैनल का प्रसारण थम चुका होता है।
पिछले तीन-चार साल से हो रही ऐसी घटना
इंडो पाक बॉर्डर पर बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : फाइल फोटो
सूत्रों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान चैनल की फ्रीक्वेंसी में भारतीय चैनल की फ्रीक्वेंसी का दबाव न रहे और प्रसारण पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं कई इलाकों में तो दिन के समय भी सीमा पार का प्रसारण सुनाई दे रहा है।
पिछले तीन-चार साल से यह देखा जा रहा है कि पाकिस्तान अपनी कूटनीति के तहत रेडियो फ्रीक्वेंसी जेएंडके तक पहुंचा रहा है। अब तो जम्मू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों मसलन उधमपुर, पत्नीटाप में भी बड़ी आसानी से उनकी पहुंच है।
जम्मू शहर में भी जानीपुर, रूपनगर जैसे क्षेत्रों में दिन में पाकिस्तानी चैनल कैच होता है। देर रात रेडियो प्रसारण के पीछे किसी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।