कुपवाड़ा में चल रही मुठभेड़ में शामिल सभी आतंकियों ने अभी हाल में ही घुसपैठ की थी। सेना ने सटीक इनपुट की मदद से उन्हें सीमा पार करते ही घेर लिया। अब तक पांच आतंकी मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। मुठभेड़ जारी है। सूत्रों का कहना है कि इस साल कम बर्फबारी और जल्दी गर्मी पड़ने से सीमापार से घुसपैठ में इजाफा हुआ है।
लेकिन अच्छी खबर ये है कि सीमा पर मुस्तैदी से तैनात जवानों ने उन्हें वहीं घेरकर ढेरकर दिया। पाकिस्तानी आतंकियों का एक बड़ा जत्था भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में लांचिंग पैड पर तैयार है। उन्हें इंतजार था तो बर्फ पिघलने का।
इस साल मार्च में निचले इलाकों की बर्फ तेजी से पिघल गई जिसका फायदा उठाकर आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब रहे। इस साल घाटी में बर्फबारी भी कम हुई। इससे पहले 15 जनवरी को सेना दिवस पर उड़ी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने आतंकी घुसपैठ को नाकाम बनाते हुए जैश-ए-मोहम्मद के पांच फिदायीन आतंकियों को मार गिराया था।
कुछ आतंकी उल्टे पैर भागने में कामयाब हो गए थे। इसी दिन सीजफायर का उल्लंघन कर रहे 7 पाक रेंजर्स को भी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ढेर कर दिया था। इसके बाद घुसपैठ की बड़ी वारदात अब कुपवाड़ा में हुई है। सीमा पर झेलम नदी के किनारे का ये इलाका घुसपैठ के लिए माकूल माना जाता है।
सेना को पहले ही इनपुट मिला चुका था कि कुपवाड़ा इलाके के रास्ते आधा दर्जन से ज्यादा आतंकियों का एक जत्था घुसपैठ की फिराक में है। सेना के किलो फोर्स के जीओसी जनरल ऐके सिंह ने इस आपरेशन से पहले ही बता दिया था कि आतंकी भले ही लांचिंग पैड पर घुसपैठ करने को तैयार हो लेकिन सेना ने भी उनसे निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। आतंकी घाटी में सिर्फ दहशत का माहौल पैदा करने चाहते हैं लेकिन सेना उनके इस नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी।