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आईएसआई घाटी में रच रहा गैर कश्मीरियों के पलायन की साजिश, 22 दिनों में 12 की हो चुकी है हत्या

Tue, 05 Nov 2019 12:08 AM IST
Pranjal Dixit बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

  • पाकिस्तान के निर्देश पर दूसरे प्रांत के लोगों को बनाया जा रहा निशाना
  • पांच मजदूरों की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल के मजदूर छोड़ चुके हैं घाटी
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आतंकियों के निशाने पर अब गैर कश्मीरी लोग हैं। दूसरे प्रांत के सेब कारोबारियों, ट्रक चालकों, मजदूरों, दुकानदारों, रेहड़ी वालों तथा अन्य व्यवसाय से जुड़े लोगों में दहशत पैदा करने की साजिश के तहत यह हमले किए जा रहे हैं। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद बौखलाए पाकिस्तान तथा पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी
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आईएसआई ने इस प्रकार के हमले के निर्देश दिए हैं ताकि गैर कश्मीरी लोग घाटी छोड़ने को मजबूर हो जाएं। साथ ही गैर कश्मीरी लोग यहां आने से कतराएं। नब्बे के दशक में आतंकवाद से दहशत में आए कश्मीरी पंडितों ने भी ऐसी ही परिस्थितियों में घाटी छोड़ी थी। 

नई साजिश के तहत गैर प्रांत के सेब कारोबारी, ट्रक चालक से लेकर मजदूर तक साफ्ट टारगेट बने हैं। इससे पहले आतंकी आम लोगों पर हमला करने से परहेज करते थे। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या के बाद वहां के श्रमिकों का घाटी से पलायन हो चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप पर एक नवंबर को वहां के लगभग 150 मजदूरों को सुरक्षित वापस भेजा गया। 
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मारे गए मजदूर पिछले लंबे समय से कश्मीर में काम कर रहे थे। घाटी के विभिन्न इलाकों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के मजदूर काम करते हैं। इसके साथ ही रेहड़ी-फड़ी लगाकर जीविका कमाने वाले भी अच्छी तादाद में हैं। इन मजदूरों के बल पर घाटी में भवनों का निर्माण, ईंट भट्ठे, विभिन्न प्रकार के ठेके से जुड़े कार्य होते हैं। ये मजदूर उत्तरी, दक्षिणी तथा मध्य कश्मीर सभी जगह काम कर रहे हैं। 

गैर प्रांत के लोगों पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर
सुरक्षा बलों का कहना है कि गैर प्रांत के लोगों पर बारीक नजर रखी जा रही है। विभिन्न जिलों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के मजदूरों की गिनती कराई जा रही है। साथ ही उनकी बस्तियों तथा रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पुख्ता करने के प्रबंध किए जा रहे हैं।  
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कब-कब निशाना बने बाहरी लोग
04 नवंबर - श्रीनगर में ग्रेनेड हमला, सहारनपुर के खिलौना विक्रेता की मौत
29 अक्तूबर- अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा में कटड़ा निवासी ट्रक चालक की हत्या
29 अक्तूबर- दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या की
24 अक्तूबर- शोपियां जिले के चित्रगाम जैनापोरा इलाके में आतंकियों ने सेब लदे तीन ट्रकों पर बरसाईं गोलियां। दो चालकों की मौत व एक घायल।
16 अक्तूबर- शोपियां में पंजाब के दो सेब कारोबारियों पर हमला। एक की मौत व दूसरा घायल
14 अक्तूबर- शोपियां में सेब लाद रहे राजस्थान के ट्रक चालक शरीफ खान की हत्या 
14 अक्तूबर- पुलवामा में छत्तीसगढ़ के ईंट भट्ठा मजदूर सागर की हत्या 

22 दिन में 12 की हत्या
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से घाटी के शांतिपूर्ण माहौल से बौखलाए आतंकियों ने 14 अक्तूबर से अब तक यानी 22 दिनों में 12 गैर कश्मीरियों की हत्या कर दी है। इनमें सेब कारोबारी, ट्रक चालक, रेहड़ी वाले व मजदूर शामिल हैं। गैर कश्मीरियों पर हमले की सात घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैलाने की कोशिश की गई। 
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