सरहद पर तनाव और गहरा गया है। प्रधानमंत्री के सख्त तेवरों ने जवानों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। पाकिस्तान ने लगातार आठवें दिन भी गोले और मोर्टार बरसाए। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब भी दिया।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय जवानों के पलटवार ने पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचाया है। उसमें घबराहट साफ दिखने लगी है। उस पार के नजदीकी गांवों से लोगों का पीछे हटना शुरू हो गया है।
रोज की तरह वीरवार को भी शाम ढलते ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा की कई चौकियों पर गोलाबारी शुरू हो गई। बीती रात कठुआ, सांबा, अरनिया, आरएस पुरा, अखनूर आदि सेक्टरों में 60 से ज्यादा अग्रिम चौकियों पर फायरिंग हुई।
सरहद पर बसे ज्यादातर गांव खाली कराए
इनमें एक दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। सरहद पर बसे ज्यादातर गांव खाली कर दिए गए हैं। इसके चलते रिहायशी इलाकों में जानमाल के नुकसान में कमी आई है।
परगवाल, कानाचक्क, अरनिया और रामगढ़ सब सेक्टर में देर रात शुरू हुई गोलाबारी सुबह 11 बजे तक जारी रही। गोलाबारी में घायलों में से दस को इलाज के लिए जीएमसी अस्पताल जम्मू में भर्ती करवाया गया है।
इनमें बीएसएफ हेड कांस्टेबल बजिंदर सिंह (गांव माजरी, जिला झज्जर, हरियाणा), कांस्टेबल इरफान खान (गांव गोकिका, अलवर, राजस्थान) और कांस्टेबल मेलारप्पा (कर्नाटक) शामिल हैं। कानाचक्क में हुई फायरिंग में बचन लाल (45) और उनकी पत्नी कमला देवी (35) और मक्खन लाल (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
माहौर में आतंकी ठिकाने से हथियार बरामद
इसके अलावा गांव पिंडी चकरन, अरनिया निवासी शुभम (20), नेहा गुप्ता (30), राम पाल (82) और बिट्टू राम (30) पाक फायरिंग में घायल हुए है। जीएमसी अस्पताल में तीन दिन में 50 से ज्यादा घायल पहुंच चुके हैं।
वहीं रियासी में सेना की 59 आरआर और पुलिस ने तहसील माहौर अंतर्गत पड़ने वाले गरवाह क्षेत्र में संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाकर एक आतंकी ठिकाना नष्ट किया।
यहां से सुरक्षा बलों को एक ऐके 56 राइफल, एक एके मैगजीन, 388 राउंड, एक क्षतिग्रस्त रिवाल्वर, रिवाल्वर की चार गोलियां, दो रेडियो सेट, एक शाल और दो पाउच बरामद हुए।
सरकार आपके साथ है : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को शिविरों का दौरा कर वहां रह रहे विस्थापितों का हाल जाना। सांबा में नौनाथ व चीची माता मंदिर में विस्थापित शिविर में लोगों से रूबरू होते हुए कहा कि उनकी हर मुश्किल में सरकार उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि शिविर में पहुंचने वाले लोगों और उनके पशुओं के चारे आदि का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीमांत इलाके के लोगों को सुरक्षित इलाकों में प्लाट देने की योजना भी बन रही है।