फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर में किसी बड़े हमले की फिराक में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई, सामने आईं कई चौंकाने वाली बातें

Tue, 03 Dec 2019 10:37 AM IST
प्रशांत कुमार अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू
विज्ञापन
आईजी अजमल सिंह, बीएसएफ कश्मीर रेंज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बीएसएफ कश्मीर रेंज के आईजी अजमल सिंह ने कहा कि कश्मीर में सीमा की सुरक्षा के लिए बीएसएफ अहम भूमिका निभाती है। यह  सेना के साथ मिलकर काम करती है। पाकिस्तानी सेना और आईएसआई कश्मीर में किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। लेकिन हमारे सुरक्षाबलों के पास आतंकियों को ट्रेस करने की आधुनिक तकनीक भी है। भारतीय सेना दुश्मनों की हर कोशिश नाकाम कर देगी और करारा जवाब भी देगी।

विज्ञापन


अमर उजाला से खास बातचीत में अजमल सिंह ने कहा कि संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं में तेजी और अनुच्छेद 370 के हटाए जाने का आपस में कोई भी संबंध नहीं है। संघर्षविराम उल्लंघन काफी समय से होता आ रहा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई कश्मीर में किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। लॉन्चिंग पैड्स पर आतंकियों की संख्या नहीं पता है, लेकिन इनपुट है कि सीमा पार जितने भी लॉन्चिंग पैड्स हैं वहां काफी संख्या में आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। घुसपैठ को सफल बनाने के लिए पाकिस्तानी सेना हर बार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है।
विज्ञापन


 

सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर चिंता जताई

आईजी के अनुसार पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की हमेशा आतंकियों को कश्मीर भेजने और यहां आतंकी वारदातों को अंजाम देने की कोशिश रही है। सिंह ने बताया कि बर्फबारी के दौरान भी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं। लेकिन इन कोशिशों को नाकाम बनाने के लिए हमारे जवान हर पोस्ट पर तैयार बैठे हैं।

कश्मीर घाटी में 90 के दशक में आतंकियों द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले सैटेलाइट फोन के दोबारा इस्तेमाल पर आईजी बीएसएफ ने चिंता व्यक्त की है। कहा कि निश्चित रूप से यह एक चुनौती है और हम इसपर काम कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि आतंकी कोई भी तकनीक इस्तेमाल करें वह उनको ट्रेस करने में सक्षम हैं। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के पास भी आधुनिक टेक्नोलॉजी है जो उनके हर नेटवर्क को ट्रेस कर सकती हैं।

 
विज्ञापन

कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार

अजमल सिंह ने बताया कि कश्मीर में बीएसएफ लॉ एंड ऑर्डर के लिए भी तैनात है और एलओसी पर भी तैनात है। एलओसी पर जो सबसे बड़ी चुनौती रहती है वो है घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम बनाना।

श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले कुछ हफ्तों में कई बार आईईडी बरामद होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आईईडी को डिटेक्ट करने के लिए उनके पास आधुनिक टेक्नोलॉजी है। कई बार डिटेक्ट भी किया गया है। बाद में उसे डिफ्यूज भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकी मुठभेड़, हिंसक घटनाओं और अन्य वारदातों में कमी हुई है। कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें