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पाकिस्तान ने चार गांवों पर बरसाई गोलियां

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पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सीमा पार से कोहरे का लाभ उठाकर घुसपैठ के प्रयास लगातार जारी हैं। आज सुबह भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू के हीरानगर सेक्टर में भारी गोलीबारी की है।
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खबर है कि सुबह के समय पाकिस्तानी रेंजर्स ने हीरानगर सेक्टर के चार सीमांत गांवों को निशाना बनाया। तड़के हुई फायरिंग से गांवों में अफरातफरी मच गई, सभी ग्रामीण पाकिस्तानी गोली से बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश करने लगे।

अभी तक किसी भी ग्रामीण के घायल होने की कोई खबर नहीं है। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ को आदेश दिया है कि वह पाकिस्तानी गोलीबारी का करारा जवाब दें।
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बता दें कि 2015 के पहले दिन से पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर सीमा पर फायरिंग कर रहा है। इससे पहले बीते मंगलवार को भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने हीरानगर सेक्टर में बीएसएफ की चौकियों और कुछ गांवों को निशाना बनाया था।

खाली हुए सीमांत इलाकों के गांव

बीते सप्ताह मंगलवार को भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने सीजफायर का उल्लंघन किया था। इससे पहले पिछले दो दिनों तक दिन के उजाले में भी पाकिस्तानी गोले बरसते रहे। डीजी बीएसएफ डीके पाठक जब सीमांत इलाकों का जायजा ले रहे थे उस समय भी सरहद के उस पार से कठुआ, पलावला और सांबा सेक्टरों की अग्रिम चौकियों और रिहायशी इलाकों पर जमकर गोलाबारी की गई।

इलाके में वीरान हुए गांवों में सन्नाटा पसरा है। स्कूल-कालेज बंद हैं। 90 गांवों के 20 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ चुके हैं। कठुआ जिले के राहत शिविरों में आने वाले लोगों की संख्या 4841 हो गई। पहाड़पुर, मनियारी, पानसर और बोबिया के लोगों को बुलेट प्रूफ वाहनों की मदद से राहत शिविरों में लाया गया।

सांबा को मिलाकर सात हजार से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। इलाके के स्कूल और पंचायत घर शरणार्थी शिविरों में तब्दील हो चुके हैं। बड़ी तादाद में प्रशिक्षित आतंकियों और फिदायीनों की घुसपैठ करा पाने में मिली नाकामी से पाकिस्तान बुरी तरह बौखला उठा है। देर रात तक गोलाबारी रुक-रुक कर जारी थी।

कोहरे में BSF ने सीमा पर सतर्कता बढ़ाई

सीमावर्ती क्षेत्रों में धुंध का अधिक असर देखने को मिला था। सीमावर्ती क्षेत्रों में घने कोहरे एवं धुंध से सुरक्षा बलों को भी अधिक सतर्क कर दिया गया है। रियासत में पड़ रही भीषण सर्दी से लोग घरों में ही कैद हो कर रह गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे एवं शीत लहर से लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

भारत पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा की निगरानी मे जुटे बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया की सीमा के आगे घना सरकंडा होने से भी उन्हें परेशानी बनी रहती है। उन्होंने बताया की नदी नालो में कंटीली तार के साथ अधिक सतर्कता बरती जा रही है। वहां पर विशेष नाके लगाए गए है।

सूत्रों की माने तो बरसात के दिनों में नदी नालो में बाढ़ के पानी से कांटेदार तार को भी नुकसान पहुंचा था। जिससे अब घना कोहरा व धुंध से उन क्षेत्रों में सुरक्षा बल के जवानों को अधिक सतर्क रखा गया है। इसबीच पुलिस के जवान भी नाकों पर सतर्क दिखे वही सेना के जवान भी वाहनों पर पेट्रोलिंग करते देखे।

कोहरे से जनजीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। नये वर्ष में जहां पाक की ओर से गोलाबारी में इजाफा हुआ था वही ठंड में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
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इस जगह हमेशा मुंहकी खाता है पाकिस्तान

पाकिस्तान की ओर से रोजाना अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर की जा रही गोलाबारी को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल की ओर से कार्य योजना तैयार कर ली गई है। अगर पाकिस्तान ने आने वाले दिनों में सीमा पर फायरिंग बंद नहीं की तो उसे भारत की ओर से पहले से भी करारा जवाब दिया जाएगा।

रक्षा सूत्रों की मानें तो शांति बनाए रखने के लिए भारत पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए नए मोर्चे खोलने की तैयारी में है, जिसमें कानाचक्क के चिकन नेक क्षेत्र में भारत पाकिस्तान को घेरेगा। आने वाले दिनों में कानाचक्क क्षेत्र में गोलाबारी शुरू होने की आशंका है। इस क्षेत्र में पाकिस्तान हमेशा से कमजोर रहा है।

इस कमजोरी का भारतीय सीमा सुरक्षा बल और सैन्य अधिकारियों को भलीभांति पता है। अगर जम्मू क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से फायरिंग बंद नहीं की जाती तो पाकिस्तान को इसका खामियाजा चिकन नेक क्षेत्र में भुगतना पड़ सकता है।

इस क्षेत्र में पाकिस्तान का रिहायशी क्षेत्र नजदीक होने के कारण पाकिस्तान तीन दिशाओं से भारतीय सुरक्षा बलों की मारक क्षेत्र में आता है। जब भी इस क्षेत्र में मोर्चे को खोला गया है तो पाकिस्तान को सफेद झंडे दिखाने को मजबूर होना पड़ा है।
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