पुंछ के स्कूल में बच्चे ले रहे जान बचाने का ज्ञान
पुंछ के नियंत्रण रेखा के समीप स्थित मिडल स्कूल सलोत्री के बच्चों को अब किताबों के साथ-साथ जिंदगी बचाने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। पाकिस्तान की चौकियों के सामने बसे इस स्कूल पर पहले भी कई बार गोलीबारी हो चुकी है और अब हालात ऐसे हैं कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा प्रशिक्षण देना भी जरूरी हो गया है।
स्कूल के छात्र-छात्राएं खानम मीर, अशफाक अहमद, रजिया कोसर, वाहिद और रमीज बताते हैं कि जैसे ही गोले गिरने की आवाज आती है, हम डेस्क के नीचे छिप जाते हैं। जब आवाजें कुछ कम होती हैं तो हम टीचरों के पीछे-पीछे बंकर तक भागते हैं।
स्कूल की मुख्य अध्यापिका प्रीतम कौर और शिक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर हालात और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तानी सेना लगभग हर रात गोलीबारी कर रही है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बच्चों को सिखाया जा रहा है कि जैसे ही गोलीबारी शुरू हो, वे तुरंत डेस्क के नीचे छिप जाएं, फिर शिक्षकों के निर्देश अनुसार जमीन पर बैठते या रेंगते हुए स्कूल परिसर में बने पक्के बंकर की ओर बढ़ें।
रविंद्र कुमार बताते हैं कि जब भी कोई गोला गिरता है, उसके छर्रे जमीन से करीब ढाई से तीन फीट ऊपर तक फैलते हैं, इसलिए बच्चों को तुरंत जमीन पर लेटने या बैठने की सलाह दी जाती है, जिससे वे घायल होने से बच सकें।