संघर्षविराम(सीजफायर) को युद्धविराम भी कहा जाता है। ये किसी भी युद्ध को स्थाई या अस्थाई तौर पर रोकने का एक जरिया है। इसके तहत दोनों पक्ष सीमा पर किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई नहीं करने का वादा करते हैं। इसे दोनों देशों को बीच हुई औपचारिक संधि भी माना जा सकता है। हालांकि, सीजफायर के लिए औपचारिक संधि जरूरी नहीं है। कई बार दोनों देश आपसी सहमति से भी इसे लेकर फैसला ले लेते हैं। अगर इस समझौते के बाद भी कोई एक पक्ष सीमा पर आक्रमक कार्रवाई करता है तो उसे सीजफायर का उल्लंघन कहा जाता है।
आजादी के बाद साल 1947 में भारत और पाकिस्तान में कश्मीर के लिए युद्ध हुआ। इसे शांत कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र को बीच में आना पड़ा था। इसके चलते साल 1949 में भारत और पाकिस्तान ने आपसी सहमति से जम्मू-कश्मीर पर एक सीजफायर लाइन स्थापित की। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने एक पत्र जारी किया जिसमें लिखा था कि ये सीजफायर भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी दूर करने का प्रतीक है। इसके बाद दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों के बीच बैठक हुई, जिसमें सीजफायर लाइन पर सहमती जताई गई।