फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनी बात से पलटा पाकिस्तान: संघर्षविराम के साथ ही तोड़ा समझौता, जवानों को निशाना बनाकर की गोलाबारी

Tue, 04 May 2021 02:39 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

पाकिस्तानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। 24 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर पर संघर्षविराम समझौता हुआ था। जिसको ताक पर रखते हुए पाकिस्तान ने नापाक हरकत की है।
विज्ञापन
बीएसएफ के जवान - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान ने जम्मू संभाग के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा(आईबी) पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। सुबह करीब छह बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाते हुए गोलाबारी की।

विज्ञापन


बीएसएफ के एक अधिकारी ने पाकिस्तान की इस नापाक हरकत की पुष्टि करते हुए बताया कि जवान सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें निशाना बनाकर गोलाबारी की। हालांकि जवानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है।

बता दें कि इसी साल 24 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर पर संघर्षविराम हुए समझौता हुआ था। इसके बाद से आईबी और एलओसी पर लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन पाकिस्तान ने समझौते को तोड़ते हुए संघर्षविराम का उल्लंघन किया है।
विज्ञापन


 यह भी पढ़ें- दम तोड़ती इंसानियत: तड़पता रहा मरीज, गिड़गिड़ाते रहे परिजन, डॉक्टर बोले- वेंटिलेटर चलाना नहीं आता

जानिए क्या होता है संघर्षविराम

संघर्षविराम(सीजफायर) को युद्धविराम भी कहा जाता है। ये किसी भी युद्ध को स्थाई या अस्थाई तौर पर रोकने का एक जरिया है। इसके तहत दोनों पक्ष सीमा पर किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई नहीं करने का वादा करते हैं। इसे दोनों देशों को बीच हुई औपचारिक संधि भी माना जा सकता है। हालांकि, सीजफायर के लिए औपचारिक संधि जरूरी नहीं है। कई बार दोनों देश आपसी सहमति से भी इसे लेकर फैसला ले लेते हैं। अगर इस समझौते के बाद भी कोई एक पक्ष सीमा पर आक्रमक कार्रवाई करता है तो उसे सीजफायर का उल्लंघन कहा जाता है।

 
विज्ञापन

भारत-पाकिस्तान में कब शुरू हुआ सीजफायर

आजादी के बाद साल 1947 में भारत और पाकिस्तान में कश्मीर के लिए युद्ध हुआ। इसे शांत कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र को बीच में आना पड़ा था। इसके चलते साल 1949 में भारत और पाकिस्तान ने आपसी सहमति से जम्मू-कश्मीर पर एक सीजफायर लाइन स्थापित की। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने एक पत्र जारी किया जिसमें लिखा था कि ये सीजफायर भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी दूर करने का प्रतीक है। इसके बाद दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों के बीच बैठक हुई, जिसमें सीजफायर लाइन पर सहमती जताई गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें