पाकिस्तान के नापाक मंसूबे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाक के कई आतंकी संगठन कश्मीर घाटी में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का फैसला किया है, ताकि घाटी में आतंक निरोधी ग्रिड को और मजबूत बनाया जा सके।
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी है। बताया कि आतंकी हमले के इनपुट मिलने के बाद एनएसए अजित डोभाल ने जम्मू-कश्मीर में आतंक निरोधी ग्रिड के साथ एक बैठक की थी और कश्मीर में सुरक्षा हालातों की समीक्षा की थी।
सूत्रों के मुताबिक, एनएसए की समीक्षा के बाद सरकार को कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जरूरत महसूस हुई। डोभाल कश्मीर गए और आतंक निरोधी ग्रिड के अफसरों के साथ उन्होंने बैठक की। वह घाटी के सुरक्षा हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राज्य में पंचायतों का सफल चुनाव होने के बाद डोभाल को खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों से ऐसे इनपुट मिले थे कि आतंकी संगठन सुरक्षा बलों पर भी किसी बडे़ हमले को अंजाम दे सकते हैं।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था कि घाटी में सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ की 10, एसएसबी की 30, आईटीबीपी की 10 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
बताया जा रहा है कि इस साल अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या से भी आतंकी संगठन चिढ़े हुए हैं। अब तक तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के अमरनाथ पहुंचने को लेकर इन आतंकी संगठनों के पाक में बैठे आकाओं और पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के माथे पर बल ला दिया है।
इसके अलावा आतंकी 15 अगस्त के आसपास आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। ऐसे में घाटी में सरकार कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती है।