फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर को नशा परोस रहा पाकिस्तान, आतंकवाद और तस्करों का बढ़ता कनेक्शन चिंताजनक

Thu, 01 Apr 2021 11:51 AM IST
करिश्मा चिब अजय मीनिया, जम्मू

सार

  • आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए नशा तस्करी पर पैसा खर्च कर रहा पड़ोसी मुल्क
  • 400 से ज्यादा युवा हर रोज नशे के दलदल में धंस रहे
  • जम्मू-कश्मीर में 1450 नशा तस्करी के केस 15 माह में दर्ज हुए
  • 160 क्विंटल से अधिक हेरोइन की गई बरामद
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर को नशा परोसने के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार पाकिस्तान है, जो हर साल सीमा पार से करोड़ों का नशा सप्लाई कर युवाओं को इस दलदल में धकेल रहा है। पाकिस्तान नारको आतंकवाद के जरिए इससे होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियां चलाने में खर्च कर रहा है। आलम यह है कि प्रदेश में हर रोज औसतन पांच नशा तस्कर दबोचे जा रहे हैं, जबकि रोजाना 400 से अधिक युवा नशे की लत में पड़ रहे हैं।
विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महीने प्रदेश में 100 केस नशा तस्करी के दर्ज हो रहे हैं। बीते 15 माह में प्रदेश में 1450 केस नशा तस्करी के दर्ज हुए हैं। इसमें 2100 तस्कर दबोचे गए। पाकिस्तान और पंजाब से जम्मू-कश्मीर में भेजी गई 160 क्विंटल से अधिक हेरोइन बरामद की गई। इसके अलावा 250 क्विंटल से अधिक भुक्की, 600 क्विंटल गांजा-चरस बरामद किया गया।   

35 तस्करों पर लगाया गया पीएसए
प्रदेश में नशा तस्करी इतनी गंभीर हो गई है कि 15 माह में 35 नशा तस्करों पर पीएसए लगाना पड़ गया। पुलिस की ओर से प्रशासन से कहा गया कि ये लोग समाज के लिए खतरा बन चुके हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: मोटी तनख्वाह देती है सरकार, निजी ट्यूशन नहीं कर सकते शिक्षक

विदेशों तक फैला तस्करी का जाल
जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान नशा तस्करी के लिए एक ट्रांजिट के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान द्वारा जम्मू, सांबा, कठुआ बॉर्डर और राजोरी, पुंछ, बांदीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा में एलओसी के जरिए हेरोइन और चरस भेजी जा रही है। इसकी तस्करी में आतंकियों के लिए काम करने वाले ओजीडब्ल्यू और जम्मू, पंजाब, श्रीनगर, नेपाल, बिहार, बंगाल के तस्कर शामिल हैं। ये लोग ऑनलाइन मनी ट्रांसफर कर नशा तस्करी कर रहे हैं। पाकिस्तान नशे की खेप भेजने के लिए ड्रोन तक का इस्तेमाल कर रहा है।
विज्ञापन


जांच के लिए एनटीएफ को किया सक्रिय
प्रदेश में सीमा पार से नारको आतंकवाद और नशा तस्करी इतनी बढ़ गई है कि पुलिस को इसके लिए अलग से एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन करना पड़ा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें