जून महीना शुरू होते ही घाटी में पत्थरबाजों की टोलियों को सक्रिय करने के लिए सीमा पार से बड़े पैमाने पर हवाला राशि की सप्लाई की जा रही है। युवाओं को रुपये का लालच देकर उन्हें पत्थरबाजी के लिए तैयार किया जा रहा है।
घाटी में धार्मिक पर्यटन, सैनिक कालोनी आदि मुद्दों को लेकर अगले कुछ दिन काफी संवेदनशील होंगे औैर खुफिया तंत्र ने भी इन युवाओं को गुमराह नहीं किया जाए, इसके लिए छद्म गुटों सेेसहयोग करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
जून 2010 में घाटी में अमरनाथ यात्रा के दौरान पथराव हुआ था, जिसमें सुरक्षाबलों की कार्रवाई के कारण कुछ युवाओं को जान गंवानी पड़ी। जून 2016 में दोबारा घाटी का माहौल खराब करने के लिए सीमा पार से हवाला के जरिए करोड़ों रुपये राशि पहुंचाई जा रही है। पत्थर मारने के लिए हर युवा को 10 हजार से 20 हजार रुपये भी प्रति माह दिए जाने का लालच भी दिया जा रहा है।