सांबा। बीते दिनों नड क्षेत्र में पुलिस चेक पोस्ट पर हुए ग्रेनेड हमले की अभी जांच ही चल रही थी कि सीमा पर ड्रोन की मदद से हथियार गिरा दिए। एक ओर नियंत्रण रेखा पर भारतीय सुरक्षा बल पाक रेंजरों को ईद मिलन पर उपहार भेंट कर रहे थे, तो दूसरी ओर सांबा सेक्टर में पाक रेंजर ड्रोन के माध्यम से हथियार गिरा कर अपने मंसूबे जाहिर कर रहे हैं। सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान ने सांबा जिले में फिर अपनी नापाक गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सीजफायर के दौरान भी पाक रेंजर छिटपुट घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब पाक रेंजरों ने ड्रोन सहायता से हथियार गिराए हों। इस से पहले मई 2020 में हीरानगर सीमा के रठुआ क्षेत्र में भारी मात्रा में ड्रोन की सहायता से हथियार गिराए गए थे। तब बीएसएफ ने ड्रोन को मार गिराया था। जून 2020 में सांबा के बसंतर दरिया में ड्रोन से हथियार गिराए गए। अगस्त 2020 में कूटा के रसाना में हथियार मिले जो ड्रोन से गिराए गए थे। आधा दर्जन पाक ड्रोन के प्रयासों को सेना नाकाम भी कर चुकी है। जिस क्षेत्र से शुक्रवार को हथियार मिले हैं, गत वर्ष 22 नवंबर को इसी क्षेत्र में पाक ने सुरंग निकाली थी। 5 मई 2021 को इसी क्षेत्र में एक पाक घुसपैठिया भी ढेर किया गया है।
सूत्रों के अनुसार यह रास्ता पाक घुसपैठियों का पुराना मार्ग रहा है, जिसे दोबारा सक्रिय किया जा रहा है। उधर, बीएसएफ के अधिकारियों का कहना है कि बीएसएफ के सतर्क जवानों के कारण ही क्षेत्र में किसी प्रकार की घुसपैठ होने की कोई संभावना नहीं है।