पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले पांचों आतंकी पिछले एक साल में अलग-अलग जगहों पर हुई मुठभेड़ में मार दिए गए। लेकिन इस हमले की साजिश रचने वाला जैश-ए-मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद अभी भी पाकिस्तान में जिंदा है। हमले में शामिल पांचों आतंकियों के मारे जाने के चलते इस केस का अब तक चालान भी पेश नहीं हुआ है। क्योंकि इस केस का कोई भी आरोपी अभी जिंदा नहीं है। एनआईए इस कोशिश में है कि इस हमले में कुछ और लोगों के शामिल होने का पता लगे। आतंकियों के मारे जाने की वजह से अब तक चालान पेश नहीं हो पा रहा।
14 फरवरी को फिदायीन आतंकी आदिल अहमद डार ने पुलवामा में सीआरपीएफ के वाहन के साथ अपनी कार को टक्कर मार दी। कार में भारी मात्रा में विस्फोटक था। इसमें 44 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी। हमले की साजिश रचने वाले दो मुख्य आतंकी मुदस्सर खान और सज्जाद भट्ट भी 2019 में ही मारे गए। जबकि दो अन्य आतंकी सज्जाद भट्ट और आईईडी प्लांट करने वाला कुख्यात जैश कमांडर कारी भी मारा गया। यह पांचों इस हमले के मुख्य साजिशकर्ता थे।
आदिल की मां और बाप के लिए थे डीएनए सैंपल
एनआईए ने आदिल के पिता का डीएनए सैंपल लिया था। जिसमें यह साबित हो गया कि हमले को अंजाम आदिल ने ही दिया था। दरअसल, एनआईए ने घटनास्थल से आदिल के शरीर से खून के धब्बों, मांस के सैंपल लिए थे। सैंपल का उसके पिता से मिलान किया गया। एनआईए ने पांचों आतंकियों को मार तो दिया, लेकिन पाकिस्तान से हमले के लिंक अभी तक स्थापित नहीं हो पाए।
केस बंद नहीं होगा, कर रहे नए लिंक का इंतजार
एनआईए के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि इस हमले में शामिल पांचों आतंकी मारे जा चुके हैं। यह पूछने पर कि क्या केस को बंद कर दिया जाएगा। इस पर अधिकारी ने कहा कि केस बंद नहीं किया जाएगा। पुलवामा हमले से कुछ और लोगों के जुड़े होने की जानकारी है। इसके पुख्ता सबूत मिलने पर चालान को मजबूती के साथ पेश किया जाएगा।
मसूद को आरोपी बनाने की तैयारी
पुलवामा हमले में एनआईए जैश सरगना मसूद अजहर को मुख्य आरोपी बना सकती है। सूत्रों के अनुसार सारे आतंकियों के मारे जाने से हमले की पूरी प्लानिंग सामने नहीं आ पाई। इस हमले की रूपरेखा तो पता चल चुकी है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर किस शख्स का क्या रोल था, यह अब तक समझ में नहीं आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच कर रही एनआईए ने इस हमले में कई लोगों की पहचान की है। सात से आठ लोगों की पहचान हो चुकी है। इस हमले में पाकिस्तान और पाकिस्तान में पलने वाले आतंकियों की भूमिका को लेकर एनआईए काम कर रही है। संभव है कि जैश सरगना को इस हमले का मुख्य आरोपी बनाया जाए, क्योंकि पठानकोट हमले में भी ऐसा ही किया गया था।
इसी तरह से 2016 में पठानकोट में हमला करने वाले चारों आतंकी मारे गए थे। कई महीनों के बाद मामले की जांच में चार्जशीट पेश की गई। जिसमें जैश के सरगना मसूद अजहर सहित तीन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जांच एजेंसी को 90 दिन के भीतर चार्जशीट पेश करनी होती है। लेकिन मामले में यदि आरोपियों की मौत हो जाए तो अतिरिक्त वक्त मिलता है।