राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि घुसपैठियों को भारत में दाखिल न करा पाने से पाकिस्तान हताश है। पाकिस्तान को सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। स्वामी विवेकानंद अस्पताल में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए। यह खुशी की बात है। माहौल बिगाड़ने के पाकिस्तान एवं आतंकवादियों के प्रयास के बावजूद घाटी में पूरी तरह शांति बनी हुई है। हताश हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सलाहुद्दीन आतंकियों को कुछ करने के लिए लगातार दिशा-निर्देश दे रहा है, लेकिन सुरक्षा बल जनता के सहयोग से उसके नापाक इरादे को ध्वस्त कर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे बल किसी भी तरह के उकसावे पर माकूल जवाब दे रहे हैं, लेकिन खबर यहां तक नहीं पहुंचती। पाकिस्तान निराश है क्योंकि वह घुसपैठियों को नहीं घुसा पा रहा। वह पंचायत चुनावों के खिलाफ था और उसके सफ ल समापन से नाखुश है। शुक्रवार को राजोरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास आईईडी विस्फ ोट की घटना पर कहा कि इस तरह की घटना पाकिस्तान की कुंठा को दर्शाती है। इसमें सेना का एक जवान एवं एक मेजर शहीद हो गए थे। कश्मीरी पंडितों को लेकर सरकार चिंतितघाटी में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर मलिक ने कहा कि सरकार उनको लेकर चिंतित है। उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
स्थिति खुलकर बोलने की इजाजत नहीं देती राज्यपाल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे राजनीतिक पृष्ठभूमि से है और राजनीति में हर किसी को कुछ भी बोलने की छूट है। लेकिन मेरी स्थिति खुलकर बोलने की इजाजत नहीं देती। ज्यादातर राज्यपाल लिखित भाषण पढ़ते हैं। मुझे यह पसंद नहीं है। वे 50 साल के राजनीतिक अनुभव के आधार पर बिना लिखित भाषण देखे बोलते हैं।