घुसपैठ कराने में नाकाम रहने से बौखलाए आईएसआई तथा पाक सेना की शह पर भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अखनूर के परगवाल तथा कानाचक्क सब सेक्टर में गोलाबारी की गई।
खुफिया एजेंसियों को इस बात के इनपुट्स मिले हैं कि घुसपैठ के लिए अब पाक रेंजरों तथा सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए एलओसी तथा आईबी की अग्रिम पाकिस्तानी पोस्टों पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त जवानों को तैनात किया गया है, जिन्हें चाइनीज और जर्मन निर्मित विशेष स्नाइपर रायफलें दी गई हैं।
इसकी मारक क्षमता डेढ़ किलोमीटर तक है। इससे सीमा के अग्रिम भारतीय पोस्टों पर तैनात जवानों को निशाना बनाने की साजिश रची गई है। ताजा गोलाबारी में घायल बीएसएफ के जवान को भी स्नाइपर से निशाना बनाया गया है।
ISI बना रही है आतंकियों पर घुसपैठ का दबाव
रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाने के लिए आईएसआई ने दबाव बनाया है। आतंकियों के घुसपैठ में नाकाम होने पर पाकिस्तानी सेना बौखला गई है। दरअसल, पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पिछले दो हफ्तों से आतंकियों पर घुसपैठ का दबाव बनाया, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली।
यहां तक कि इसमें उनका खूंखार आतंकी अनवर खान भी मारा गया। इसलिए अब आईएसआई पाक सेना पर दबाव बना रही है कि भारतीय जवानों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जाए।
पिछले दो हफ्तों के भीतर अखनूर के परगवाल में दो बार, कानाचक्क में एक बार, अरनिया में दो बार, पुंछ के मेंढर में एक बार, शोपियां, टंगधार, उड़ी में लगभग छह बार सहित दो हफ्तों में आतंकी एक दर्जन से अधिक बार एलओसी और आईबी पर घुसपैठ की कोशिश कर चुके हैं और इसमें कामयाबी नहीं मिली।