पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन में चार जवानों का शहीद होना, बीएसएफ के लिए इस साल का सबसे बड़ा नुकसान साबित हुआ है। बीएसएफ ने इससे पहले इतनी भारी संख्या में अपने जवानों को खोने का नुकसान नहीं सहा था।
हालांकि अब तक के आकड़ो पर एक नजर डाला जाए तो आईबी पर पाक की गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में बीएसएफ के कुल ग्यारह जवान इस साल शहीद हो चुके हैं। यह आकड़ा पिछले पांच सालों के औसतन सबसे ज्यादा है।
वहीं अगर विदेश मंत्रालय के आकड़ो को मानें तो पाकिस्तान की ओर से इस वर्ष सीजफायर उल्लंघन की 1000 से अधिक घटनाएं हुई हैं। जबकि पाकिस्तान ने साल 2017 में कुल 720 बार ही संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।
गौरतलब है कि पाक की ओर से बिना उकसावे के की गई फायरिंग में ही भारतीय सुरक्षाबलों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। वहीं पाक रेंजर्स द्वारा भारतीय सैनिकों को निशाना बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाली स्नाइपर से भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
गौरतलब है कि पकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन का इस्तेमाल आतंकी घुसपैठ के वक्त उन्हें कवर देने के लिए किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार देर रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर से नापाक हरकत को अंजाम देते हुए सीजफायर का उल्लंघन किया है। पाक ने सांबा सेक्टर की चमलियाल पोस्ट पर को निशाना बना कर भारी गोलीबारी की जिसमें बीएसएफ के चार जवान शहीद हो गए।
जबकि पांच ग्रामीण भी जख्मी बताए जा रहे हैं। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाक की ओर से की गई इस फायरिंग में शहीद होने वालों में 1 सहायक कमांडेंट, 1 सब इंस्पेक्टर और दो सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान शामिल हैं।
पाक को जल्द ही भुगतना पड़ा सकता है खामियाजा
सीमा पर छुप छुप कर वार करने वाले पाकिस्तान को जल्द ही उसकी नापाक करतूत के लिए खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बीएसएफ अपने चार जवानों के खोने के बाद किसी बड़ी कार्रवाई के फिराक में है। हालांकि फिलहाल सीमा पर तैनात जवानों को सतर्क रहने का निर्देश दे दिया गया है।