‘तू घबरा न बहना, मैं ठीक हूं और हम दोनों जल्दी ही ठीक हो जाएंगे... कुछ नहीं हुआ मुझे, हौसला रख... मेरे बच्चों और पति को मेरे बारे में जानकारी भी नहीं है...’ यह बोल उस बहन के हैं, जिसने पाक गोलाबारी में घायल होने के बाद अपनी घायल बहन को ढांढस बंधाई थी, लेकिन सोमवार को मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान वही बहन जिंदगी की लड़ाई हार गई।
तीन जनवरी को हीरानगर के छन लाल दीन गांव में पाक गोलाबारी में मधुबाला पत्नी पवन कुमार निवासी अमृतसर बुरी तरह से घायल हुई थीं। साथ ही इनकी एक अन्य बहन रजनी देवी भी घायल हुई थी। मधुबाला और उसकी बहन रजनी देवी अपनी बीमार मां का हाल जानने के लिए पहुंची थीं।
तीन जनवरी को घर पहुंचने पर पाक गोलाबारी में दोनों घायल हो गई थीं। इनके भाई विजय कुमार का बेटा मोहित भी पाक गोलाबारी में घायल हुआ था।