सिरचंद टॉप इलाके में हुई मुठभेड़ में मारा गया आतंकी अशरफ खान पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिजबुल का सबसे पुराना जीवित आतंकी था और वर्ष 2013 में मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल था। उसका लंबा आपराधिक इतिहास था। वह सुरक्षाबलों पर हमले और नागरिकों पर अत्याचार में भी शामिल था। नौ नवंबर 2017 को अंनतनाग बस स्टैंड में कांस्टेबल इम्तियाज अहमद, दो अप्रैल 2020 को लरकीपोरा, फतेहपोरा अनंतनाग निवासी मोहम्मद सलीम डार, 22 दिसंबर 2021 को थाना बिजबिहाड़ा के पास एएसआई मोहम्मद अशरफ और 29 जनवरी 2022 को हसनपोरा तबीला में हेड कांस्टेबल अली मोहम्मद गनी की हत्याओं में शामिल था।
आईईडी बनाने और लगाने में भी प्रशिक्षित था
इसके अलावा वह आईईडी बनाने और लगाने में भी प्रशिक्षित था। वह वर्ष 1999 में आतंकी गुट का हिस्सा बनने, हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त करने और आतंकी गुटों में शामिल होने के लिए पाकिस्तान पीओके को पार कर गया था। उसने अनंतनाग में भोले-भाले युवाओं को आतंकी तंजीमों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उसके निर्देश पर आतंकियों ने 9 सिंतबर 2021 को अनंतनाग के लाल चौक पर सरपंच गुलाम रसूल डार और उनकी पत्नी जवाहर बेगम की हत्या कर दी थी।
आतंकवादी रोशन जमीर तांत्रे वर्ष 2018 से सक्रिय था
इसी तरह, मारा गया आतंकवादी रोशन जमीर तांत्रे वर्ष 2018 से सक्रिय था और 2 अप्रैल 2020 को लरकीपोरा, फतेहपोरा अनंतनाग निवासी मोहम्मद सलीम डार की हत्या सहित कई आतंकी अपराध के मामलों में शामिल था। इसके अलावा बिजिबिहाड़ा में एएसआई मोहम्मद अशरफ, हसनपोरा तबीला में हेड कांस्टेबल अली मोहम्मद गनी और कोटला कटड़ा निवासी नारायण दत्त नाम के एक ट्रक चालक की हत्या में भी शामिल था।
मोहम्मद रफीक द्रंगे वर्ष 2019 से सक्रिय था और 22 दिसंबर 2021 को बिजबिहाड़ा के पास एएसआई मोहम्मद अशरफ की हत्या और 29 जनवरी 2022 को हसनपोरा तबीला में हेड कांस्टेबल अली मोहम्मद गनी सहित कई आतंकी अपराध के मामलों में शामिल था। .
ऑपरेशन में चुनौती बना खराब मौसम
खराब मौसम के चलते सुरक्षाबलों का जंगल क्षेत्र में यह ऑपरेशन दोहरी चुनौती भरा रहा। तेज बारिश के साथ दुर्गम इलाका होने के कारण सुरक्षा बलों के जवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने जमकर मोर्चा लिया और सफलता पूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस साल अब तक 65 आतंकी मारे गए
पुलिस के अनुसार, यह इस साल की 42वीं मुठभेड़ थी और सुरक्षाबल इस साल अब तक 16 पाकिस्तानी सहित 65 आतंकियों को मार गिराने में कामयाब रहे हैं। इनमें से 39 दहशतगर्द लश्कर, 15 जैश, 9 हिजबुल और दो अलबद्र का था। इसके अलावा 32 आतंकियों और उनके 173 मददगारों को भी गिरफ्तार किया गया है।