कर्रा साहब के बयान का मतलब यह नहीं कि हम आतंकवाद के खिलाफ नहीं हैं। हम देश के साथ हैं क्योंकि यह देश की सुरक्षा का मामला है। लेकिन एक और विचार है कि जब हम सब कुछ कर चुके हैं, तो फिर से कोशिश क्यों नहीं की जाए?
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भट ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार पर नियंत्रण नहीं कर रही है, संघीय सरकार कोई भी कदम उठा सकती है। कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार जो भी कार्रवाई करे, हम उसके साथ हैं। लेकिन विकल्प क्यों छोड़ दें?
केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद भारत सरकार द्वारा घोषित कूटनीतिक उपायों का जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस बीच पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया।
गौरतलब है कि 2019 के पुलवामा हमले के बाद यह हमला घाटी में सबसे घातक आतंकी हमला था, जिसमें 40 सीआरपीएफ सैनिक मारे गए थे। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।