पुराने नोट बंद करने का असर आतंकी गतिविधियों पर भी जबरदस्त तरीके से पड़ा है। आतंकी संगठनों के लिए काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर भी चित हो गए हैं। वर्करों ने संगठनों से मांग की है कि जब तक उन्हें नई करेंसी नहीं मिलेगी, वह काम नहीं करेंगे।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब बार्डर एवं एलओसी पर करीब तीन हजार ओवर ग्राउंड वर्कर सक्रिय हैं। ये वर्कर आतंकी संगठनों के लिए गाइड और पोर्टर का काम करते हैं। संगठनों से रूट और हथियार व अन्य सामान के भार के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं। सबसे खतरनाक रूट के लिए प्रति किलोमीटर 10 हजार रुपये, आसान रास्ते के लिए 5 हजार लिए जाते हैं।
इसके अलावा खुफिया सूचनाएं पहुंचाने और खाने-पीने की सामग्री के लिए अलग से पैसे लिए जाते हैं। घुसपैठ के बाद आतंकियों के हथियारों को यही वर्कर ले जाते हैं। इसलिए वेट के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं। पुराने नोट बंद होने से वर्करों ने आतंकी संगठनों को ना कह दी है। संगठनों से मांग की गई है कि यदि उनके लिए काम करना है तो नई करेंसी के नोट दें।