प्रशासन के 15 दिन में समाधान के आश्वासन पर खत्म किया धरना, मरम्मत न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के पहाड़ी क्षेत्र नड ब्लॉक के विभिन्न गांवों व वाहन चालक संगठन के सदस्यों ने सोमवार को सांबा-मानसर-उधमपुर मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और ब्लैकटॉपिंग का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीण अजय सिंह, सुनीता थप्पा, पिंटू सुंबडिया, बलराम कुंडल का कहना था कि सांबा-मानसर-उधमपुर मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल है। जगह-जगह बड़े गड्ढे और टूटी सड़क के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़क के चलते वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ता है। उन्होंने बीआरओ व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार सांबा गौरव शर्मा, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम तथा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा लगभग 15 दिनों के भीतर कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना और सड़क जाम समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मार्ग खराब होने से पर्यटकों का आना बंद, कारोबार चौपट
गौरतलब है कि सांबा-मानसर-उधमपुर मार्ग कश्मीर जाने के लिए सुगम मार्ग है, मालवाहक वाहन इसी मार्ग से कश्मीर आते जाते हैं। वहीं पर्यटन स्थल मानसर में भी काफी संख्या में पर्यटकों का आना जाना रहता है। मार्ग के टूटे होने कारण पर्यटन स्थल भी सूना पड़ा है। दुकानदारों के कारोबार बंद हो कर रह गए हैं। यह क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से इस मार्ग की शीघ्र मरम्मत और ब्लैक टॉपिंग कराने की मांग की थी जिस पर कोई कार्रवाई के नहीं होने से मजबूर हो कर लोगों को चक्का जाम और प्रदर्शन किया है।