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हमारा उद्देश्य तेज, सतत और समावेशी आर्थिक विकास हासिल करना : एलजी

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उपराज्यपाल ने श्रीनगर में वाईपीओ-ग्लोबल वन के सदस्यों के औद्योगिक परिदृश्य पर बातचीत की
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर में व्यवसायियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क वाईपीओ-ग्लोबल वन के सदस्यों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के समग्र विकास के लिए रणनीतिक, बहुआयामी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। इसमें आर्थिक विकास, स्थिरता और सामाजिक कल्याण योजनाओं का निर्बाध कार्यान्वयन शामिल है।
उपराज्यपाल ने कहा, हमारा उद्देश्य तेज, सतत और समावेशी आर्थिक विकास हासिल करना है। जम्मू-कश्मीर की औद्योगिक क्षमता का दोहन करने के लिए एक रणनीतिक, बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया गया, ताकि आर्थिक विकास, स्थिरता और सामाजिक विकास के बीच सही संतुलन बनाया जा सके। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के विकसित होते औद्योगिक परिदृश्य और इस क्षेत्र में उभरते अवसरों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि औद्योगिक विकास से जम्मू-कश्मीर के सभी नागरिकों को लाभ मिले। यह मेरा संकल्प है। मेरा दूसरा संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक विकास पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हो। हमारा एक उद्देश्य अनुसंधान, आईटी और आईटीईएस में निवेश आकर्षित करने के लिए जम्मू-कश्मीर को नवाचार में अग्रणी बनाना है। हमने अपने लाभ के अनुसार संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल और प्राकृतिक संसाधनों का विश्लेषण किया है।
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380 स्टार्टअप चला रहीं बेटियां
उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए हमने उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो इस क्षेत्र की ताकत हैं। उपराज्यपाल ने फरवरी 2024 में शुरू की गई नई स्टार्टअप नीति के सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, अब तक 1030 से अधिक स्टार्टअप चालू हो गए हैं। इनमें 380 स्टार्टअप जम्मू-कश्मीर की बेटियों के नेतृत्व में हैं। मैं इसे नारी शक्ति के गौरव को बहाल करने में बड़ी उपलब्धि मानता हूं।

कुछ वर्षों में ही हथकरघा और हस्तशिल्प का निर्यात हुआ दोगुना
उपराज्यपाल ने कहा कि कुछ वर्षों में सरकार की ओर से की गई पहलों से हथकरघा और हस्तशिल्प का निर्यात दोगुना हो गया है। बागवानी उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंच रहे हैं। आज जम्मू-कश्मीर में हस्तशिल्प, हथकरघा और बागवानी उत्पादों में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। बातचीत के दौरान उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास पर वाईपीओ सदस्यों के प्रश्नों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जम्मू-कश्मीर में आर्थिक स्थिरता, कुशल श्रम, कच्चा माल, बेहतर प्रोत्साहन, सक्षम और सुरक्षित कारोबारी माहौल, उच्च उत्पादकता, मूल्य संवर्धन की उच्च क्षमता, मजबूत बुनियादी ढांचा, पारदर्शिता और नवाचार का उच्च स्तर जैसे कई कारक हैं, जो इसे एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाते हैं।
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प्रदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संचालन के लिए उपयुक्त माहौल
उपराज्यपाल ने कहा कि शहरी परिवर्तन ने जम्मू-कश्मीर के लगभग सभी शहरों में उच्च जीवन स्तर प्रदान किया है। सार्वजनिक सुरक्षा, मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, उच्च शिक्षा, कम खर्च का बोझ, उच्च उत्पादकता, समग्र संस्कृति, ये सभी प्रणालियां जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संचालन के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं। इस अवसर पर पूर्व विधायक विक्रमादित्य सिंह, वाईपीओ-ग्लोबल वन के सदस्य और उद्योग जगत के नेता उपस्थित थे।
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