आरोपी ने बताया-संयुक्त पैतृक संपत्तिआरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी कि संबंधित संपत्ति संयुक्त पैतृक संपत्ति है और इसका आतंकी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यूएपीए की धारा 33(1) के तहत निवारक उपाय के तौर पर आरोपी के हिस्से की संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है। अदालत ने निर्देश दिया कि मुकदमे के पूरा होने तक इन संपत्तियों में कोई भी तीसरा पक्ष (थर्ड-पार्टी) अधिकार या लेन-देन नहीं किया जाएगा। अनुपालन के लिए आदेश की एक प्रति उपायुक्त बारामुला को भेज दी गई है।
2020 में राजमार्ग पर दो आतंकियों समेत पकड़े गए थे चार लोगएनआईए के अनुसार, 11 जनवरी 2020 को श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर कुलगाम में एक कार को रोककर तलाशी ली गई थी। इस दौरान एक एके-47 राइफल, तीन पिस्तौल, एक हैंड ग्रेनेड और अन्य सामग्री बरामद होने का दावा किया गया। इस मामले में हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि फयाज अहमद मीर ने आतंकियों को हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। एजेंसी के मुताबिक, एके-47 के सिलसिले में मीर को 5.20 लाख रुपये मिले थे। मामले में मुकदमे की कार्यवाही अभी लंबित है।