सेवा चयन बोर्ड द्वारा कराई गई जेई सिविल और सब इंस्पेक्टरों की भर्ती को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। भर्ती रद्द करने के आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने एक रिटायर जज की अध्यक्षता में समिति गठित कर एसएसबी द्वारा कराई गई परीक्षाओं की जांच के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति वसीम सादिक नरगल का मानना है कि केवल भर्ती एजेंसी द्वारा अधिक वित्तीय बोली लगाना ही टेंडर एवं अनुबंध देने का एकमात्र मापदंड नहीं हो सकता। जब तकनीकी मूल्यांकन में उक्त एजेंसी के पूरे अंक नहीं थे, उसे सिर्फ वित्तीय अंक के आधार पर टेंडर देना उचित नहीं। जनहित को तरजीह देनी होगी क्योंकि वर्तमान मामले में भर्ती में शामिल होने वालों के भविष्य का सवाल है। एक एजेंसी जो पहले ही दागी है, उससे परीक्षा नहीं कराई जा सकती।
जेई सिविल, सब इंस्पेक्टर, वित्त लेखा सहायक की भर्तियां पहले से रद्द हो चुकी हैं। मार्च में हुई परीक्षाआें को रद्द कर दिया गया था। सीबीआई इस मामले में घोटाले का पर्दाफाश कर चुकी है। एसएसबी को जिम्मा दिया गया कि भर्तियाें को निष्पक्ष तरीके से दोबारा कराया जाए। ओएमआर प्रक्रिया की जगह कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा हुई, लेकिन ब्लैक लिस्टेड कंपनी से भर्ती कराने पर भर्ती दोबारा रद्द हो गई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस सब इंस्पेक्टर की कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा सात दिसंबर से शुरू हुई है। शुक्रवार नौ दिसंबर को प्रस्तावित परीक्षा को जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने स्थगित कर दिया है। जेकेएसएसबी के परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नौ दिसंबर को प्रस्तावित परीक्षा स्थगित की गई है।
इसके लिए अगली तारीख तय की जाएगी। गौरतलब है कि पीएसआई परीक्षा का शेड्यूल सात से 19 दिसंबर तक तय किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए जेकेएसएसबी ने फिलहाल नौ दिसंबर की परीक्षा को ही स्थगित करने की अधिसूचना जारी की है। ब्यूरो