जम्मू-कश्मीर में इन दिनों काफी हलचल नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने जिला अधिकारी, उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट, तेहसीलदार और क्षेत्रीय अधिकारी को संबंधित स्टेशन नहीं छोड़ने की एडवाइजरी जारी की है। साथ ही आदेश में ये भी कहा गया है कि बिना जिला मजिस्ट्रेट या डिप्टी कमिश्नर की इजाजत के कोई अधिकारी अपनी जगह नहीं छोड़ेगा। किसी को मोबाइबल फोन भी बंद नहीं करना है।
इससे पहले केंद्र की भाजपा सरकार ने अमरनाथ यात्रियों को वापस बुलाने का फैसला लिया था जिसके बाद अफरातफरी मच गई। इसको लेकर पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने बडगाम में केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर ये घाटी में कुछ करने वाले नहीं हैं तो पर्यटकों और यात्रियों को भगाया क्यों जा रहा है।
सरकार पहले ही एनआईटी के छात्र-छात्राओं को घर वापस जाने के लिए चुकी है। वहीं शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों से हम बस इतना कहेंगे कि सब्र से काम लें, हम 35 ए को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।