राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा
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रियासत के बजट सत्र की हंगामेदार शुरूआत हुई। बुधवार को राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होते ही नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद के अलावा विपक्ष के सभी सदस्यों ने वाकआउट कर दिया। 30 जून तक चलने वाले सत्र में अभी और हंगामा होने की संभावना है।
बुधवार को जैसे ही शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया, कांग्रेस और नेकां सदस्यों ने अफस्पा और फूड सिक्योरिटी बिल को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच, निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने भी हंदवाड़ा और कुपवाड़ा में हुई हत्याओं को लेकर हंगामा शुरू किया। उन्होंने व्हाट हैपेंड टू द मजिस्टीरियल प्रोब ऑफ हंदवाड़ा किलिंग लिखी तख्ती हाथ में उठा रखी थी।
सबसे पहले कांग्रेस सदस्यों ने वाकआउट किया। नेकां के सदस्य काफी देर तक हंगामा करते रहे। वह भाषण नहीं राशन चाहिए और अफस्पा हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। वन मंत्री लाल सिंह द्वारा हाल ही में दिए गए विवादित बयान पर वह लाल सिंह को बर्खास्त करने की भी मांग की गई।
इसके साथ ही जम्मू के मुस्लिमों को तहाफुज देने की भी मांग की गई। हंगामे के दौरान नेकां विधायकों ने लाल सिंह को समाज का दुश्मन मंत्री तक कह डाला। यहां तक कि विधायक अकबर लोन ने लाल सिंह को खश (कश्मीरी शब्द जिसका मतलब है गला काटना) करो का भी नारा लगाया। बाद में हंगामा करते हुए नेकां विधायक भी बाहर चले गए और धरने पर बैठ गए।
इस सबके दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गायब दिखे। दूसरी ओर निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद राज्यपाल के अभिभाषण के अंत तक हंदवाड़ा और कुपवाड़ा में फायरिंग में हुई स्थानीय लोगों की मौत के अलावा कई मुद्दों को लेकर हंगामा करते दिखे।