जम्मू के मेयर और डिप्टी मेयर के इस्तीफे के बाद नगर निगम में राजनीति गरमा गई है। अब विपक्ष से भी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए ताल ठोकने की तैयारी में है। हालांकि बहुमत भाजपा के पास है, लेकिन विकास कार्य नहीं होने के कारण कई पार्षद नाखुश हैं। इसे देखते हुए विपक्ष ने कमर कस ली है।
मेयर और डिप्टी मेयर द्वारा आयुक्त को इस्तीफे देने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। मौजूदा समय में भाजपा के 44 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद 29 के करीब हैं। जीत के लिए कुल 37 पार्षदों की जरूरत है। 75 में से एक भाजपा और एक आजाद पार्षद की मौत हो चुकी है, जिस कारण मौजूदा समय में 73 पार्षद हैं।
कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद भाजपा को टक्कर देने के लिए एकजुट हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा के कई पार्षद खफा हैं। ऐसे में भाजपा को नया मेयर और डिप्टी मेयर बनाने के लिए काफी माथापच्ची करनी पड़ सकती है। वार्ड 28 के कांग्रेसी पार्षद गौरव चोपड़ा ने कहा कि भाजपा मेयर के समय भ्रष्टाचार बढ़ा है।
लोगों के काम नहीं हो पाए हैं। अब भाजपा को सीधी टक्कर दी जाएगी। वहीं, वार्ड 19 के पार्षद अमित गुप्ता ने कहा कि चार साल में कुछ नहीं हुआ। बार-बार बजट की मांग की गई। चार साल बाद भी शहर की किस्मत बदली है। अब भाजपा को टक्कर देंगे।
नगर निगम जम्मू में बहुमत भाजपा का है। हालात देखे जाएंगे। स्थिति अनुकूल रही तो मेयर, डिप्टी उतारने के लिए फैसला लिया जा सकता है। - विकार रसूद वानी, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस
एमसी एक्ट 2000 के अनुच्छेद 36 और 39 के तहत होगा चुनाव
भाजपा द्वारा मेयर और डिप्टी के लिए नाम सार्वजनिक होने के बाद चयन प्रक्रिया आरंभ होगी। इसके लिए एमसी एक्ट 2000 के अनुच्छेद 36 और 39 के तहत चयन होना होना है। अनुच्छेद 36 में चुनाव कितने समय के बाद होना है। इसे एक साल, ढ़ाई या फिर पांच साल के करीब करने के प्रावधान निहित हैं।
जबकि अनुच्देद 39 में मेयर अगर इस्तीफा देता है तो उसे डिप्टी मेयर को देना होगा। वहीं, डिप्टी मेयर को मेयर के पास इस्तीफा देना होगा। यहां पर मेयर और डिप्टी मेयर दोनों इस्तीफा दे रहे हैं। इस्तीफा आयुक्त को सौंपा जाएगा। इसमें एक माह के अंदर चयन प्रक्रिया पूरी की जानी है।
इस्तीफे के बाद मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए प्रक्रिया आरंभ होगा। दो दिन के लिए नामांकन होगा। इसके बाद तीसरे दिन नाम वापसी होगी और चयन के लिए तिथि निर्धारित की जाएगी। इसमें वोटिंग या फिर सर्वसहम्मति से चयन होना होगा।
इस्तीफे से पहले ही पार्षदों के पास पहुंचे नामांकन पत्र
मेयर और डिप्टी मेयर को अभी आयुक्त को इस्तीफा सौंपना है। लेकिन पहले ही पार्षदों के पास मोबाइल के जरिये नामांकन पत्र पहुंच गए हैं।
अभी तक मेयर और डिप्टी का इस्तीफा नहीं मिला है। इस्तीफा मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एमसी एक्ट 2000 के अनुसार चयन करवाया जाएगा। इसमें नामांकन भरने के बाद विशेष सत्र में चयन प्रक्रिया होगी। - रिंपी ओहरी, संयुक्त निदेशक, नगर निगम