जम्मू कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर ढेर कर दिया है। एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को ढेर किया है।
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के त्राल में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया। एनकाउंटर में एक पुलिस और सेना के जवान भी शहीद हो गए थे।
मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर मुफ्ती यासिर भी शामिल है। मुफ्ती यासिर के मारे जाने की पुष्टी खुद जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने ट्वीट करके दी है।
दरअसल सुरक्षाबलों को त्राल के लाम जंगल में कुछ आतंकियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर मंगलवार सुबह सेना की 42 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ की 180 बटालियन और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इलाके में साझा ऑपरेशन चलाया।
ऑपरेशन शुरू होते ही जंगल में छिपे आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने भी जवाब दिया। कुछ देर की फायरिंग के बाद छिपे आतंकी जंगल के ऊपरी इलाके की ओर भाग निकले। शुरुआती फायरिंग में सेना के जवान अजय कुमार घायल हो गए, जिन्हें श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया।
इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अजय 42 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। वह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कोटला पंजोला गांव के रहने वाले थे। वह अविवाहित थे। आतंकियों के जंगल क्षेत्र में ऊपर की ओर भाग निकलने पर सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
इस दौरान एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई। कई घंटे चली मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। इस दौरान त्राल निवासी एसओजी जवान लतीफ गोजरी भी शहीद हो गया। आईजी कश्मीर एसपी पाणि ने बताया कि इस ऑपरेशन में सेना और पुलिस ने एक-एक जवान खोए हैं।
पुलिस कर्मी से आतंकियों ने चार राइफलें लूटीं
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को पुलिस स्टेशन पर हमला किया। बडगाम जिले के हैदरपोरा के गोरीपोरा में जेकेएपी की 13वीं बटालियन के आर्म्ड गार्ड पर आतंकियों ने हमला कर चार चार राइफलें लूट लीं।
इनमें एक इंसास, एक कारबाइन और दो एसएलआर राइफलें शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस ने इलाके को घेर रखा है।