भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया, "ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमने आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया। चूंकि हमारी फायरिंग सटीक थी, इसलिए दुश्मन ने हमारे बंदूक वाले इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी फायरिंग सटीक नहीं थी और हमारे निशाने सटीक थे, इसलिए हमें कोई नुकसान नहीं हुआ। जब दुश्मन ने हमारे नागरिक इलाकों को निशाना बनाना शुरू किया और लोगों को हताहत किया, तो हमने नुकसान को रोकने के लिए दुश्मन के बंदूक वाले इलाकों पर हमला किया और उन्हें नष्ट कर दिया। हम हमेशा किसी भी तरह के आदेश का पालन करने के लिए तैयार रहते हैं।"
भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को नष्ट करने के लिए एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (एटीजीएम) का इस्तेमाल किया है। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) के बारे में भारतीय सेना के एक जवान ने बताया, "एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) टैंकों के अलावा बंकरों और दुश्मन की चौकियों को भी निशाना बना सकती है। ऑपरेशन सिंदूर में यह बेहद सफल रही थी। इसके हिट होने की संभावना 90-95% है।"
ऑपरेश सिंदूर को तहत पाकिस्तान को सबक सिखाया गया। इस अभियान में स्वदेशी तकनीक का प्रयोग किया गया। हाल ही में भारतीय सेना में शामिल किए गए आर्माडो लाइट स्पेशलिस्ट वाहनों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन की चौकियों और आने वाले वाहनों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) लांचर से लैस, इन वाहनों में दुश्मन के कवच और बंकरों के खिलाफ उच्च गतिशीलता और विनाशकारी क्षमता थी।
यह भी पढ़ें: अब खुलेंगे पाक जासूस ज्योति के राज: NIA ने सात घंटे की पूछताछ, खंगाला जा रहा पहलगाम आतंकी हमले का लिंक