केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की सरकारी नौकरियों में ग्रुप -चार तक सीमित किए जाने का विभिन्न राजनीतिक दलों तथा युवाओं की ओर से जबर्दस्त विरोध किए जाने के एक ही दिन बाद गृह मंत्रालय ने डोमिसाइल कानून के तहत भर्ती संबंधी नियमों में बदलाव कर दिया। देर शाम जारी संशोधित आदेश में अब यहां के बाशिदों को सभी श्रेणी की नौकरियों में डोमिसाइल का लाभ मिलेगा। अब डोमिसाइल को ग्रुप-4 की नौकरियों तक सीमित करने के आदेश को समाप्त कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (विकेंद्रीकरण और भर्ती) अधिनियम को गृह मंत्रालय ने संशोधित करते हुए नया आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि धारा तीन (क) में वर्णित ग्रुप 4 (25500) को हटा दिया गया है। इसके स्थान पर किसी भी पद को जोड़ा गया है। यानी अब प्रदेश के लोगों को किसी भी सरकारी पद के लिए मौके मिलेंगे।
एक अप्रैल को जारी सरकारी गजट के अनुसार 138 कानूनों में संशोधन किया गया था। जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विसेस एक्ट में भी संशोधन करते हुए डोमिसाइल कैटेगरी का समावेश किया गया है, जिसके अनुसार यहां 15 साल तक रहने वालों को इस श्रेणी में माना जाएगा। आल इंडिया सर्विस के तहत 10 साल तक की सेवा करने वालों के बच्चों को भी इस श्रेणी में रखा गया है। साथ ही जिस किसी ने यहां सात साल तक पढ़ाई की हो या फिर 10वीं या 12वीं की परीक्षा यहां से दी हो, वह भी डोमिसाइल की श्रेणी में आएगा। राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (माइग्रेंट) के यहां पंजीकृत सभी लोग भी इसी श्रेणी में होंगे।
अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद जमीन तथा नौकरी को लेकर प्रदेशवासियों की चिंताओं को देखते हुए केंद्र ने घोषणा की थी कि जल्द ही डोमिसाइल कानून लागू किया जाएगा। भाजपा समेत लगभग सभी राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों ने भी इसके लिए आवाज बुलंद की थी। ज्ञात हो कि राज्य के विशेष दर्जे के तहत नौकरी में केवल यहीं के लोगों का हक था। साथ ही यहां कोई भी जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकता था। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां के बाशिंदों से यह हक छिन गया था।
केंद्र सरकार के अधिकारी-कर्मचारी को मिलते रहेंगे लाभ
केंद्र सरकार, आल इंडिया सर्विस, सार्वजनिक उपक्रम, केंद्र सरकार के स्वायत्तशासी संस्थान, बैंक, केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा केंद्र सरकार के पंजीकृत शोध संस्थान के कर्मचारी, जिन्होंने 10 साल तक प्रदेश में सेवा की है, उन्हें डोमिसाइल का लाभ मिलता रहेगा। जो भी बच्चे इस पात्रता को पूरा करते हैं या जो रोजगार, व्यापार या अन्य व्यावसायिक कारणों से केंद्र शासित प्रदेश के बाहर रहते हैं, लेकिन यदि उनके अभिभावक किसी भी शर्त को पूरा करते हैं, तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
नियम जारी होते ही शुरू हो गया था विरोध
एक अप्रैल को डोमिसाइल के साथ ही भर्ती संबंधी नियम जारी होने के बाद नेकां, पीडीपी, कांग्रेस, अपनी पार्टी, पैंथर्स पार्टी समेत कई संगठनों ने विरोध किया था। इसे धोखा बताते हुए वापस लेने की मांग की थी। युवाओं में भी इसको लेकर जबर्दस्त आक्रोश था। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने यहां के यूथ ब्रिगेड को केवल कुछ पदों तक सीमित रखकर उनकी क्षमताओं का सम्मान नहीं किया है।
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