बडगाम में रातभर चली मुठभेड़ में जैश के दो पाकिस्तानी समेत तीन आतंकियों का सफाया कर दिया गया। जोलवा गांव में शुरू हो गई थी मुठभेड़ के बाद मौके से तीन एके 56 राइफल बरामद किए गए। सेना का एक अधिकारी हुआ जख्मी। आईजी ने कहा श्रीनगर में बचा एक आतंकी की तलाश तेज कर दी गई है।
मध्य कश्मीर के बडगाम में रातभर चली मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी समेत तीन आतंकियों का सफाया कर दिया गया। मारे गए आतंकियों से तीन एके 56 राइफल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। सेना के एक अधिकारी मामूली रूप से चोटिल हुए हैं। आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि मारे आतंकियों में एक श्रीनगर का था। अब श्रीनगर में एक ही आतंकी सक्रिय रह गया है। वह या तो मारा जाएगा या फिर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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हिटलिस्ट में शामिल सभी आतंकियों को मार गिया गया
पुलिस की ओर से तैयार हिटलिस्ट में शामिल सभी आतंकियों को मार गिया गया है। इस साल पिछले सात दिनों में विभिन्न मुठभेड़ों में छह पाकिस्तानी समेत 11 आतंकियों को मार गिराया गया है। इनमें से ज्यादातर जैश-ए-मोहम्मद तथा लश्कर-ए-ताइबा के टॉप कमांडर थे। पुलिस ने बताया कि चाडूरा इलाके के जोलवा गांव में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर वीरवार देर रात घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया।
आत्मसमर्पण करने की अपील के बाद भी नहीं माने और लगातार फायरिंग करते रहे
इस दौरान घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। कई बार आत्मसमर्पण करने की अपील के बाद भी वे नहीं माने और लगातार फायरिंग करते रहे। इस दौरान कई स्थानीय लोग फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। अंधेरे की वजह से अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए अभियान को चलाया गया ताकि किसी प्रकार का जानी नुकसान न हो सके।
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जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें शुक्रवार को तड़के तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकियों में एक श्रीनगर का वसीम था जो दिसंबर 2020 से सक्रिय था। मुठभेड़स्थल से मिले दस्तावेजों के अनुसार अन्य दो आतंकियों के पाकिस्तानी होने का शक है। हालांकि, इस संबंध में और जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर परवेज की हत्या में शामिल था वसीम
पुलिस ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार मारा गया वसीम सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले तथा नागरिकों के उत्पीड़न के कई मामलों में शामिल था। उसके खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के कई मामले दर्ज थे। वह 22 जून 2021 को इंस्पेक्टर परवेज अहमद की हुई हत्या तथा ईदगाह स्थित अली मस्जिद चौक पर सीआरपीएफ बंकर पर हमले में भी शामिल रहा था।