जम्मू। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35-ए को खत्म कर मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के उन वंचित युवाओं को बराबर के मौके मुहैया करवाए हैं जिनके साथ पिछले सात दशक से अन्याय होता आ रहा था।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक साल में सांविधानिक और प्रशासनिक बदलावों से केवल उन लोगों को नुकसान पहुंचा है जोकि निहित स्वार्थ के लिए सात दशक तक लोगों को अंधेरे में रखते रहे। वाल्मीकि समाज के बच्चे जोकि स्नातक की डिग्री लेने के बाद भी सफाई कर्मचारी का काम करने को मजबूर थे, उनके लिए अब उज्जवल भविष्य का रास्ता खुल चुका है। ऐसे ही गोरखा समाज जिनके पूर्वज सेना में रहकर देश की सेवा करते रहे उनके बच्चों को जम्मू-कश्मीर में रोजगार तक नहीं मिल रहा था।
उन्होंने कहा इस बदलाव का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है जिन्होंने समर्पण भाव से काम किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त और 31 अक्तूबर की मध्य रात्रि से जो बदलाव आए हैं। उसमें पिछले दरवाजे से सरकारी नौकरियों के लिए कोई जगह नहीं रह गई है। इस अवसर पर भाजयुमो के रियासी के प्रतिनिधि प्रभात सिंह, रामबन से गुरदीप चिब आदि ने भी वेबिनार को संबोधित किया।