अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। साइबर ठगों ने इन दिनों टेलीग्राम एप को जालसाजी का नया हथियार बना लिया है। डिजिटल मार्केटिंग, निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पहले मुनाफा देकर या दिखाकर लोगों को झांसे में लिया जाता है और फिर शातिर इन्हें शिकार बना लेते हैं।
जम्मू पुलिस लाइन स्थित साइबर थाने में टेलीग्राम एप से ठगी से जुड़े इस एक दर्जन से अधिक केस दर्ज हुए हैं। साइबर जालसाज अलग-अलग हथकंडे अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। इसमें लिंक शेयर कर ज्यादा लाइक और शेयर करने का टास्क देते हैं। बदले में कुछ कमाई भी करवाते हैं और आपके बैंक खातों में रकम ट्रांसफर भी करते हैं। बस यहीं से लोगों का लालच उन्हें उनके जाल में फंसा देता है।
टेलीग्राम पेज ज्वाइन कर रिव्यू मांगे फिर खाली किया खाता
टेलीग्राम पर एक पेज ज्वाइन करने का लिंक मिला। पीड़ित ने जैसा ही पेज ज्वाइन किया। उसे होटल और रेस्त्रां का रिव्यू करने का टास्क दिया गया। इसके बाद पीड़ित को निवेश करने को कहा। पीड़ित ने 1.37 लाख का निवेश किया। निवेश के बाद पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप से निकाल दिया। एक अन्य मामले में टेलीग्राम पर लिंक आया जिसमें ट्रेड मार्केट बिटकॉइन में निवेश करने को कहा। पीड़ित ने 95 हजार रुपये का निवेश किया इसके बाद साइबर ठग ने पीड़ित को टेलीग्राम और व्हाट्सएप से ब्लॉक किया। वहीं एक अन्य मामले में टेलीग्राम पर निवेश की एक पोस्ट देखी। फिर 60 हजार जमा किया, निकासी करनी चाहिए तो शातिर ने पीड़ित को और पैसा इन्वेस्ट करने को कहा।
इस तरह से फंसाते हैं साइबर ठग
-ऑनलाइन जाॅब या पार्ट टाइम जाॅब का लालच देना
-कमीशन का लालच देकर रुपये ट्रांसफर करवाना
- क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर रुपये जमा कराना
- टेलीग्राम पर फर्जी ट्रेडिंग चैनल बनाकर निवेश करवाना
- प्रोडक्ट और होटल का रिव्यू करने के नाम पर ठगी
-लाभ दिखाकर रुपये ब्लाक करके ग्रुप डिलीट कर देना
साइबर ठग ठगी के अलग-अलग हथकंडे अपनाते हैं। टेलीग्राम एप को ठगों ने नया हथियार बनाया। ठगों का एक पूरा तंत्र काम करता है। इसमें टेलीग्राम, व्हाट्सएप सहित अन्य एप से जुड़े लोग रहते हैं। लोग टेलीग्राम पर मिलने वाले ऐसे लिंक पर क्लिक न करें। न ही कोई ऐसा एप डाउनलोड करें जिससे साइबर ठगों के पास आपके फोन या कंप्यूटर का एक्सस मिल जाए।
-विक्रम शर्मा, डीपीओ, साइबर सेल जम्मू