उधर, पाकिस्तानी सेना ने शनिवार सुबह से रविवार सुबह तक सेना की चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी की थी। कीरनी से बालाकोट तक सौ किलोमीटर से अधिक लंबी नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना ने नापाक हरकतों को अंजाम दिया।
इससे मेंढर सेक्टर में एक ग्रामीण और आधा दर्जन जानवर घायल हो गए। गोलाबारी में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। भारतीय सेना की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उसकी कई चौकियां तबाह हो गई हैं। पाकिस्तानी सेना के छह सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक जिले के कीरनी, कस्बा, मंधार क्षेत्रों में सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर मोर्टार बरसाए। उसके बाद शाम 7.40 बजे गुलपुर सेक्टर के खड़ी करमाड़ा में मोर्टार से गोलाबारी शुरू की जो रविवार सुबह तीन बजे तक जारी रही।
इस दौरान रात 11 बजे पाकिस्तानी सेना ने मेंढर और बालाकोट में भी मोर्टार से सेना की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से सुबह 4 बजे तक गोलाबारी जारी रही।
इस दौरान गांव गोल्द मोहल्ला नवनी निवासी मोहम्मद रशीद के मकान की छत पर एक 120 एमएम का पाकिस्तानी मोर्टार आ गिरा जो छत तोड़कर कमरे में जा घुसा। इससे रशीद (25) का बेटा यासिर घायल हो गया। गोलाबारी से गांव में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।