आरएस पुरा सेक्टर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शनिवार दोपहर दो बजे बाद से गोलाबारी बंद है। लेकिन ग्रामीणों में अभी भी दहशत बरकरार है। लोग सहमे हुए हैं। पाकिस्तान की ओर जारी गोलाबारी के कारण अधिकतर गांव खाली पड़े हुए हैं।
अमर उजाला की टीम द्वारा रविवार दोपहर को सीमांत गांव अब्दुल्लियां, चंदू चक, लाइया, बेगा, बेरा और गोपड बस्ती का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। गांवों में इक्का-दुक्का ही लोग मिले जो मवेशियों को चारा डालने के लिए आए थे।
मवेशियों को देखने पहुंचे चौधरी यशपाल व पुरुशोत्तम लाल ने बताया कि परिवार के लोगों को शनिवार को ही राहत शिविरों में ले जाया गया था। रविवार को मवेशियों को देखने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है।
वह कभी भी गोलाबारी शुरू कर देता है। शनिवार सुबह गांव के गार सिंह की पाकिस्तानी गोलाबारी में जान चली गई थी। वहीं कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण कृष्णा देवी ने बताया कि घर के आंगन में मोर्टार जमीन में धंसा हुआ है।
जिस समय मोर्टार गिरा था वह अपने परिवार सहित कमरे में थी। मोर्टार जमीन में धंसने से कोई नुकसान नहीं हुआ। गांव गोवड़ बस्ती में भी ग्रामीणों के घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। संजय कुमार व राकेश कुमार पुत्र सुरम चंद के घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
वहीं नानक चंद, जनक राज के घर की छत पर गोला गिरने से लैंटर में सुराग हो गया। अधिकतर सीमांत गांवों में गोलबारी के बाद शनिवार सुबह से बिजली सप्लाई ठप है। रविवार को कर्मचारी क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे ठीक करते नजर आए।