उत्तरी कश्मीर के सीमावर्ती जिला कुपवाड़ा के लोलाब से एक और युवक आतंक की राह पर चल पड़ा है। परिवार के सदस्यों ने इस बारे में सोशल मीडिया से जानकारी होने की बात कही है। जानकारी के अनुसार एएमयू के पूर्व रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी के बाद लोलाब का यह दूसरा ऐसा युवा है जिसने आतंक का दामन थामा है।
युवक की पहचान बिलाल अहमद शाह के तौर पर हुई है। उसके परिवार के अनुसार उन्हें इसकी बात की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो से मिली। परिवार वालों ने इसके पीछे उसके साथ हुए अत्याचार को बड़ा कारण बताया।
दरअसल सोशल मीडिया पर बिलाल अहमद शाह का एक फोटो वायरल हुआ, जिस पर हिजबुल मुजाहिदीन लिखा हुआ था। तस्वीर में साफ तौर से उसके हाथों में एके-47 देखी जा सकती थी।
इसके अलावा फोटो पर बिलाल के पिता का नाम शमसुद्दीन, कोड शाहबाज, पता शर्तमुकाम लोलाब, कुपवाड़ा और आतंकी बनने की तारीख 2 मार्च, 2018 लिखी गयी थी। सूत्रों के अनुसार बिलाल के पिता शमसुद्दीन भी हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी थे और 1992 में वे मारे गए थे। उस समय बिलाल दो साल का था।
बताया जा रहा है कि वीरवार को करीब 11 बजे पता चला कि वो आतंकी संगठन में शामिल हुआ है। जब उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार वर्ष 2016 में जब घाटी में हिंसा का दौर जारी था तब बिलाल के खिलाफ पत्थरबाजी के आरोप में कई एफआईआर दर्ज की गई थी।
उसे कई बार थाने में तलब कर उसके साथ मारपीट की जाती रही। इसके चलते मानसिक रूप से वो परेशान था। वे उसके आतंकी बनने के पीछे इसे बड़ा कारण मानते हैं।