फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'पहलगाम हमले के असर से उबरने की कोशिश': खौफ के साए गुम हुए... लौट रही रौनक, लेकिन पुरानी रफ्तार अब भी दूर

Fri, 23 May 2025 04:35 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

पहलगाम हमले के एक माह बाद जम्मू धीरे-धीरे सामान्य हालात की ओर लौट रहा है, लेकिन बाजार, मंदिर और पर्यटन स्थलों पर अब भी भीड़ कम है। स्थानीय व्यापारी, टैक्सी चालक और तीर्थस्थल प्रबंधक हालात सुधरने की उम्मीद में हैं। 
विज्ञापन
रघुनाथ बाजार से गुजरते लोग - फोटो : अभिषेक बड़ू
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू के रघुनाथ बाजार की दुकानें खुली तो हैं, लेकिन खरीदार बहुत कम नजर आ रहे हैं। कुछ स्थानीय लोग जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वे भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ही आते दिखते हैं।

विज्ञापन

जम्मू रघुनाथ बाजार - फोटो : अभिषेक बड़ू
श्रद्धालुओं की कमी से कारोबारियों की चिंता बढ़ी
मंदिर के पास मेवों की दुकान चलाने वाले राजेश बताते हैं, श्रद्धालु पहले की तुलना में काफी कम हो गए हैं। कारोबार आधा भी नहीं रह गया है। बस उम्मीद है कि हालात फिर से सामान्य हो जाएंगे। 

पहलगाम हमले का साया अब भी बाजारों पर मंडरा रहा है
पहलगाम हमले और सीमा पर बढ़े तनाव का असर अब भी बाजार और जनजीवन पर दिख रहा है। रघुनाथ बाजार, ज्यूल चौक और पक्का डंगा जैसे इलाके जो आमतौर पर भीड़ से गुलजार रहते थे, अब अपेक्षाकृत शांत हैं। दुकानदार दुकानें खोल तो रहे हैं, लेकिन ग्राहकों के इंतजार में दिन बिता रहे हैं।पक्का डंगा में हलवाई की दुकान चलाने वाले किशोरी लाल कहते हैं, “अब बाजार में सिर्फ स्थानीय लोग ही आ रहे हैं। श्रद्धालुओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों की संख्या लगभग न के बराबर है।

रघुनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
पहलगाम हमले के बाद कम हुए श्रद्धालु
मंदिरों में भी घटी श्रद्धालुओं की संख्याशहर के मंदिरों में भी अब पहले जैसी रौनक नहीं है। बावे वाली माता मंदिर के मुख्य पुजारी बिट्टा महाराज ने बताया कि पहलगाम हमले के पहले हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते थे। अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं, फिर भी पहले की अपेक्षा 30 फीसदी श्रद्धालु ही आ रहे हैं।

रणबीरेश्वर मंदिर के पुजारी विनोद ने बताया कि सामान्य दिनों ढाई सौ से तीन सौ तक श्रद्धालु रोजाना भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने आते, फिलहाल 80 से 90 लोग ही दर्शन के लिए आ रहे हैं। पीरखो मंदिर, महामाया मंदिर और रघुनाथ मंदिर का भी कमोबेश यही हाल है। रघुनाथ मंदिर के पुजारी सुनीत शास्त्री ने बताया कि बाहर के श्रद्धालुओं का आना लगभग बंद ही हो गया है।

जम्मू अमर महल पैलेस - फोटो : अमर उजाला
पर्यटन स्थल
बढ़ रहे सैलानी, संख्या अभी कमपर्यटन स्थलों का भी हाल कुछ ऐसा ही है। पहलगाम हमले से पहले जहां जंबू जू में करीब 300 के आसपास पर्यटक आते थे, अब करीब 60 से 70 सैलानी आ रहे हैं। डोगरा आर्ट म्यूजियम के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि दर्शकों की संख्या में करीब 70 फीसदी की गिरावट आई है। अमर महल के अतिरिक्त निदेशक सुदीप मित्रा ने बताया कि म्यूजियम में पहले रोजाना 500 से अधिक लोग आते थे, अब बमुश्किल 100 से 150 लोग आ रहे हैं। छुट्टी वाले दिन लोगों की आवाजाही थोड़ी बढ़ जाती है।

गुरुद्वारों में भी पहुंचने लगे श्रद्धालु
जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रंजीत सिंह टोरा ने बताया कि तनाव के समय श्रद्धालुओं का आना पूरी तरह रुक गया था। अब धीरे-धीरे 200-250 श्रद्धालु हर गुरुद्वारे में आ रहे हैं, लेकिन पहले जैसी रौनक अभी नहीं है। 
 

जम्मू शहर - फोटो : अमर उजाला
हवाई और रेल यात्रा भी आगे बढ़ रही
पहलगाम हमले के बाद जम्मू एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। 12 मई को रोक हटने के बाद पहले दिन केवल दो उड़ानों में 12 यात्रियों ने यात्रा की। 19 मई को 24 उड़ानों से कुल 2,893 यात्री आए। रेलवे स्टेशन पर भी अब यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की संख्या का आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं है, वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी हो रही है।

जम्मू शहर - फोटो : अमर उजाला
टैक्सी चालकों को अमरनाथ यात्रा से उम्मीद
टूर एंड ट्रैवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता बताते हैं कि पहले प्रतिदिन करीब 300 टैक्सियां श्रीनगर जाती थीं, अब इनमें से 70% बंद खड़ी हैं। टैक्सी चालकों के लिए किस्तें भरना भी मुश्किल हो गया है। अमरनाथ यात्रा से स्थिति में सुधार की उम्मीद है। वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हल्की बढ़ोतरी हुई है, जिससे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से कटड़ा जाने वाली टैक्सियों को सवारियां मिलने लगी हैं।

जम्मू शहर - फोटो : अमर उजाला
शैक्षणिक संस्थान पटरी पर लौटे
बीती 15 मई से शहर के स्कूल भी खुल गए। शुरुआती कुछ दिनों में स्कूलों में कम विद्यार्थी आए, लेकिन अब धीरे-धीरे पहले की तरह ही विद्यार्थी आ रहे हैं। जम्मू यूनिवर्सिटी में भी परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। हालात पहले ही तरह सामान्य हो गए हैं। क्लस्टर यूनिवर्सिटी में भी कक्षाएं और परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। आईआईटी, आईएआईएम और अन्य शिक्षण स संस्थानों में भी पहले ही तरह कामकाज शुरू हो गया है।
विज्ञापन

जम्मू शहर - फोटो : अमर उजाला
तनाव के बाद कारोबार पटरी पर, उम्मीदें फिर से जगीं
व्यापार भी पकड़ने लगा रफ्तारतनावपूर्ण हालात के बाद मंदी की मार झेल रहे शहर का कारोबार भी रफ्तार पकड़ने लगा है। कनक मंडी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान आशीष गुप्ता ने बताया कि पहले जहां हर रोज दस करोड़ का व्यापार होता था, जैसे ही हालात बिगड़े कुछ दिन 50 लाख से एक करोड़ का व्यापार भी हुआ।

अब जाकर हालात बेहतर होने लगे और पहले की तरह ही कारोबार लगा है। वेयरहाउस ट्रेडर्स फेडरेशन के प्रधान दीपक गुप्ता ने भी यही बताया कि मंदी का असर लगभग खत्म हो गया है। नरवाल सब्जी मंडी के प्रधान सुरेंद्र काला ने भी व्यापार के पटरी पर आने की तस्दीक की।

यह भी पढ़ें: 22 अप्रैल की दहशत नहीं भूले लोग: पहलगाम तक पहुंचे पर्यटक, पर बायसरन नहीं देख पाने का मलाल लिए लौट रहे सैलानी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें