रियासत में मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुफ्ती को बधाई पर भाजपा पर उमर ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर तीखे प्रहार किए।
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उमर ने ट्वीटर पर लिखा कि यह जम्मू-कश्मीर का वही संविधान है जो श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मंजूर नहीं था। उमर ने लिखा कि श्यामा प्रसा मुखर्जी ने रियासत में दो विधान और दो निशान के खिलाफ आंदोलन करते हुए 23 जून 153 को अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया था। पर आज भाजपा उनकी विचारधारा को भूल चुकी है। भाजपा के विधायक रियासत के उसी संविधान के तहत मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।
JK state flag, protesting against which SP Mukherjee died in jail, is comfortably placed in front of Modi.Thx. pic.twitter.com/cNfbyqWdXD— Vinod Mehta (@DrunkVinodMehta) March 1, 2015
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उमर यहीं नहीं रुके। शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा रियासत में चुनाव का माहौल बनाने का श्रेय पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकियों को देने संबंधी बयान देने पर भी उमर ने भाजपा से जवाब मांगा।
उमर ने भाजपा से सवाल करते हुए ट्वीटर पर लिखा कि भाजपा चुनाव में सुरक्षा बलों और चुनाव कर्मियों की भूमिका स्पष्ट करे क्योंकि उनके मुख्यमंत्री ने चुनावी माहौल बनाने का श्रेय पाकिस्तान, आतंकियों और हुर्रियत को दिया है। सईद के इसी बयान पर अब बवाल शुरू हो गया है।
"Pakistan, Huriyaat & Militants
ALLOWED peaceful conduct of elections" says Mufti Syed. I guess
we should be grateful for their generosity.— Omar
Abdullah (@abdullah_omar) March
1, 2015
कश्मीर में जश्न क्यों नहीं मनाया गया?
उमर ने ट्वीटर पर पीडीपी विधायक मोहम्मद अशरफ मीर को भी आड़े हाथ लिया।
उन्होंने लिखा कि चुनाव जीतने पर अशरफ ने एक-47 से फायरिंग की थी, अब
मंत्री बनने पर वो क्या फायर करेंगे। उमर ने एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री
मुफ्ती मोहम्मद सईद को पत्रकार वार्ता करने के लिए भी शुक्रिया अदा किया। Dear Mufti Sahib, thank you, thank you a thousand times for this press conference.— Omar Abdullah (@abdullah_omar) March 1, 2015
इसके आगे साझा सरकार पर प्रहार करते हुए उमर ने कहा, अफस्पा पर हल्ला मचाने वाले मुफ्ती ने अफस्पा हटाने की कोई गारंटी नहीं दी है। पिछली सरकार में भी अफस्पा पर यही हालात थे तो वर्तमान सरकार और पिछली सरकार में क्या अंतर है। बता दें कि अफस्पा के मुद्दे पर मुफ्ती ने कहा कि, घाटी में शांति बहाली अफस्पा के हटाने से ज्यादा जरूरी है, जब अफस्पा हटना होगा हट जाएगा। So no guarantee on the withdrawal of #AFSPA from the centre, how is it different from what happened with the last state govt on this issue— Shuja-ul-Haq (@ShujaUH) March 1, 2015
एक अन्य ट्वीट करते हुए उमर ने भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न पर सवाल उठाया है। बता दें कि रियासत में सरकार बनने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने रायपुर में जश्न मनाया है, इस पर उमर ने ट्वीट करते हुए कहा कि, रायपुर में तो जश्न मनाया जा रहा है लेकिन कश्मीर के पीडीपी कार्यकर्ताओं के बारे में क्या है, वहीं जश्न क्यों नहीं है? या फिर आप जश्न मनाकर पाकिस्तान का धन्यवाद कर रहे हैं। Or just thanking Pak for JK election :) “@ANI_news: Raipur: BJP workers celebrate the BJP-PDP govt formation in J&K. pic.twitter.com/pjyd9LJWan”— Omar Abdullah (@abdullah_omar) March 1, 2015
मुफ्ती के बयान की चौतरफा अलोचना हो रही है लेकिन भाजपा की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई बयान नहीं आया है। पहली बार सत्ता में आई भाजपा मसले पर बयान देने से बच रही है।
मैंने पहले ही कहा था कि इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मोदी ने नेहरू और इंदिरा जैसा ब्लंडर किया है। मोदी के जम्मू में जाने से ऐसा मैसेज गया है कि, रियासत के चुनाव सेना के कारण नहीं पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकियों के कारण हुए। अफस्पा पर भी मुपती ने बयान दे दिया है, वह कभी भी अफस्पा को खत्म करने की बात कह रहे हैं। लेकिन राज्य या पीएम के पास इसे खत्म करने की पॉवर नहीं है अफस्पा को केवल राष्ट्रपति खत्म कर सकते हैं। भीम सिंह, पैंथर्स पार्टी
आजाद बोले, अब नागपुर से होंगे फैसले- भाजपा-पीडीपी गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुफ्ती को भाजपा के रूपांतरण एजेंडे से सचेत रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहीं से भी ऐसा नहीं लगा रहा था कि शपथ ग्रहण समारोह चल रहा है।
बल्कि ऐसा लग रहा था कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक थी। आजाद ने कहा कि भाजपा के लिए यह रूपांतरण का दौर है, पर पीडीपी नेतृत्व को यह ध्यान रखने की जरूरत है कि कहीं पीडीपी से भाजपा में सियासी रूपांतरण न हो।