पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा-पीडीपी की साझा सरकार को झूठ का बंडल करार दिया है। कहा सरकार राज्य को अस्थिरता और बदहाली की ओर लेकर जा रही है। एनसी ने भाजपा को सरकार के गठन से दूर रखने के पीडीपी को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन मुफ्ती नहीं माने और भाजपा के साथ चले गए। मंगलवार को कुपवाड़ा में पार्टी कनवेंशन में उमर ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
उमर ने कहा कि पीडीपी ने लोगों के साथ जो भी वादे किए, चार महीनों में इन वादों की हवा निकल गई। हर दिन बीतने के बाद सरकार के एजेंडे की तमाम बातें खोखली साबित होती गई। दोनों पार्टियों के बीच साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत कुछ भी नहीं हुआ और यह कार्यक्रम झूठ का बंडल बन गया। मुफ्ती ने अपनी आवाज मुख्यमंत्री की कुर्सी को दे दी है, जो हर बात पर खामोश हैं।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के उस बयान पर भी उमर ने मुफ्ती को घेरा, जिसमें पारिकर ने कहा था कि आतंकी को आतंकी मारेगा। उमर ने कहा कि परिकर के इस बयान के बाद सोपोर में आतंकी हमलों की एकाएक बढ़ोतरी हुई, इसका मुफ्ती को जवाब देना चाहिए। पावर प्रोजेक्ट के ट्रांसफर होने पर कहा कि यह भी सीएमपी का हिस्सा था। अफस्पा, अलगाववादियों से बात, अनुच्छेद 370 हटाने जैसे मुद्दे सीएमपी में शामिल थे।
इनके दम पर दोनों पार्टियों ने चुनाव लड़ा और अब इन्हीं वादों को भूल गए। राज्य में नए पीएसए एक्ट पर भी सवाल उठाते हुए मसर्रत आलम को जम्मू की जेल की बजाय घाटी में भेजने पर आपत्ति जताई।