उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
- फोटो : PTI
कश्मीर के हालात पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र द्वारा दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा केंद्रीय सरकार घमंड से चूर है। जिस तरह के हालात हैं, उससे तो सवाल किया जाना लाजमी है कि क्या सरकार ने कश्मीर के लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।
उमर ने कहा, हालात सामान्य होने की जो परिभाषा केंद्र ने तय की है, उससे तो कश्मीर के लोगों को ईश्वर ही बचा सकता है। पूर्व सीएम ने कहा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कश्मीर में हालात सुधरने का दावा किया है, लेकिन इसी दौरान घाटी के तीन युवा हिंसा में मारे गए।
उन्होंने कहा, केंद्रीय सरकार के रवैये में घमंड झलक रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री के कश्मीर दौरे के बाद केंद्र सरकार ने कश्मीर को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे उम्मीदें तोड़ने वाले हैं। बकौल उमर ने हमने पेलेट गन का इस्तेमाल रोकने और सुरक्षा बलों को कश्मीर के लोगों पर सख्ती करने से परहेज करने की मांग की।
इसके बावजूद छत्ताबल इलाके में स्कूटी पर जा रहे युवक रियाज अहमद को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से शूट कर दिया गया। पचास से अधिक युवा मारे जा चुके हैं। हजारों की तादाद में गंभीर रूप से घायल हैं। सैकड़ों युवाओं की आंखें पेलेट गन का शिकार हो गई हैं। नई दिल्ली से पाकिस्तान और कश्मीर के लोगों से संवाद की हर अपील केंद्र के बहरे कानों पर बेअसर रही है।
पीडीपी-भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कश्मीरी अवाम के बजाय प्रशासनिक बैठकों की बातों को प्रमुखता दे रही हैं।