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उमर अब्दुल्ला की एक्स वाइफ ने मुख्यमंत्री निवास को खाली करने से किया इंकार

Thu, 30 Jun 2016 02:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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उमर अब्दुल्ला अपनी पूर्व पत्नी पायल और बेटों के साथ - फोटो : Reuters
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राजधानी के लुटियंस जोन में आए दिन पूर्व मंत्रियों और उनके परिजनों की सरकारी बंगलों पर कब्जे की खबरें आती रहती हैं। इस बार मामला कुछ और भी पेचीदा है। दरअसल जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की एक्स वाइफ पायल ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित अधिकारिक निवास को खाली करने से इंकार कर दिया है। 
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की एक्स वाइफ पायल फिलहाल टाइप VIII-7 अकबर रोड स्थित बंगले में रह रहीं हैं। जो कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री का अधिकारिक निवास है। जम्मू-कश्मीर रेजीडेंट कमिशन ऑफ स्टेट उनसे कई बार बंगला खाली करने को कह चुका है लेकिन बंगाल छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं।

पायल ने सुरक्षा के आधार पर प्रियंका गांधी समेत कुछ और लोगों को मिल रही सुविधाओं का हवाला देते हुए लिखा कि उन्हें भी इसी आधार पर अकबर रोड के बंगला नंबर सात में रहने की अनुमति मिलनी चाहिए। सुरक्षा कारणों से मैं बंगला खाली नहीं कर सकतीं क्योंकि मेरे परिवार को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई। पायल अब्दुल्ला उमर से 2011 में अलग हो गई थीं। 
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'सुरक्षा के लिए बंगले में हर वक्त 94 जवान सुरक्षा में लगे रहते हैं'

- फोटो : PTI
नोटिस के 37 पेज लंबे जवाब में पायल अब्दुल्ला ने कहा कि 7 अकबर रोड वाले बंगले में वह 1999 से अपने दो बेटों के साथ रह रही हैं। जवाब में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया जिसमें पति से अलग रह रहीं पत्नी को पति के लिए आवंटित घर में रहने का अधिकार है। 

अपने जवाब में पायल ने कहा कि उन्हें जेड श्रेणी की और उनके बेटों को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली है। उनके बेटे जम्मू-कश्मीर के महान नेता शेख अब्दुल्ला के वंशज हैं, जिन्होंने भारत में कश्मीर को मिलाने के लिए बड़ी भूमिका निभाई थी।

अपने जवाब में उन्होंने यह तर्क भी दिया कि ‘2002 से 2008 तक उमर अब्दुल्ला न तो सांसद थे और न ही विधायक। उस दौरान भी वह बंगले में रह रही थीं। उनके बच्चों की सुरक्षा के लिए बंगले में हर वक्त 94 जवान सुरक्षा में लगे रहते हैं।

पायल की ओर से नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर बारह दिसंबर को एक और नोटिस जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि बंगला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के लिए आवंटित किया गया था, उनके परिवार के लिए नहीं। 

पायल की तरफ से कोई जबाव न मिलने पर एस्टेट ऑफिसर ने 1 जून को शोकॉज नोटिस उमर को भी भेजा गया है। नोटिस में कहा कि वह यह बताएं कि क्यों बंगला खाली करने की प्रोसेस शुरू नहीं हुई है।
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