मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को राज्य प्रशासन को सर्दियों की चुनौतियों से निपटने और प्री फैब्रिकेटड ढांचागत निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिनके पास रहने के लिए घर नहीं हैं, उनके लिए यह व्यवस्था की जाए।
उमर ने कहा, प्री फैब्रिकेटेड ढांचागत प्रक्रिया को तुरंत निर्मित करने की आवश्यकता है और इसके लिये फौरी कदम उठाने होंगे। उन्होंने विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक में ये बातें कही।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए अस्थाई आवास, गर्म कपड़े आदि का प्रबंध करने के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही जो लोग अपने घरों के पुननिर्माण में लगे हुए हैं, उनको हर संभव मदद देने के भी निर्देश दिए।
'मैने स्वयं केंद्रीय संचार मंत्रालय से बात की है'
बैठक में बताया गया कि आवास विभाग ने बिना घर वाले परिवारों के लिए श्रीनगर के चौंटी कूल में चालीस कनाल भूमि की निशानदेही की है। इस पर जिला विकासायुक्त श्रीनगर से मामले में तुरंत कार्यवाही करने को कहा गया है। मंडलायुक्त ने सीएम को जानकारी दी कि अभी तक पंद्रह करोड़ रुपये की राशि अंतरिम राहत के तौर पर प्रभावित परिवारों में वितरित की गई है।
यह कार्य पुरजोर तरीके से जारी है। जिन लोगों की फसलें तबाह हुई हैं, उनको राहत देने के लिए भी सूचियां तैयार की जा रही हैं। सोमवार तक सूचियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएनएल व अन्य टेलीकॉम कपंनियों के साथ बिलिंग व सेलफोन सेवा की बहाली संबंधी मामलों को उठाया गया है। उमर ने कहा, मैने स्वयं केंद्रीय संचार मंत्रालय से इस संबंध में बात की है।
विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश
उन्होंने बिजली विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि कई बाढ़ प्रभावित घर ऐसे हैं जहां अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। उन्होंने जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही जिस अवधि तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, उस अवधि को बिलों में शामिल नहीं करने को कहा।
उमर ने जम्मू संभाग में ओले गिरने और तूफान से तबाह हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं।