पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा है कि पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी। नेकां चुनाव के लिए तैयार है।
सरकार गठन पर महबूबा मुफ्ती चुप्पी तोड़ें। वह लीडर हैं, लीड करें फालो नहीं। दोनों दलों ने राज्य की आबादी को एक माह से लटकाकर रखा हुआ है। दोनों दल चुनाव से डरे हुए हैं।
भाजपा-पीडीपी में अभी भी गठबंधन मौजूद है। रियासत में मौजूदा राजनीतिक संकट को देखते हुए दोनों दलों को गठबंधन तोड़ने का एलान करके अवाम के बीच जाना चाहिए।
उमर ने कहा, उनकी पार्टी चुनाव के लिए तैयार
पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने कहा कि आज मुफ्ती मोहम्मद सईद के गुजर जाने के बाद महबूबा को अपने वसूल क्यों याद आ रहे हैं। विश्वास बहाली और दूसरे मुद्दों की दस माह पहले याद क्यों नहीं आई।
महबूबा विश्वास बहाली जैसे मुद्दों पर जनता को गुमराह न करके कोई वक्त मुकर्रर करें। श्रीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में महबूबा ने भाजपा-पीडीपी के गठबंधन को बेहतर करार दिया था। दोनों दलों के पास विधानसभा में अपने नंबर हैं।
लेकिन सरकार बनाने पर कोई भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। भाजपा-पीडीपी के बीच गठबंधन होने के पहले दिन से ही नेकां ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी।
'भाजपा के सत्ता में आने से रियासत का माहौल खराब हुआ'
दोनों दल राज्यपाल के पास जाकर विधानसभा को भंग करने को कहें और जनता का सामना करें। भाजपा के सत्ता में आने से जम्मू के साथ कश्मीर में माहौल खराब हुआ है।
केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उस समय के हालात के मुताबिक नेकां ने गठबंधन किया था। लेकिन आज जमीनी स्तर पर विपरीत स्थिति है।
सरकार न होने से सियासी स्तर पर नियुक्त हुए लोगों को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए या राज्यपाल को उन्हें हटाना चाहिए। वहीं रियासत में सरकार गठन में हो रही देरी के मद्देनजर अन्य विकल्पों पर भी विचार शुरू हो गया है।