पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ के कारण भी कश्मीर में दस फीसदी पर्यटन ढांचे को नुकसान पहुंचा था। टूरिस्ट फेडरेशन आफ जम्मू के चेयरमैन राजेश गुप्ता ने बताया कि करीब दस फीसदी पर्यटकों ने अपने टूर पैकेज कैंसल करवाए हैं।
लोग कश्मीर की स्थिति के बारे जानकारी ले रहे हैं। फेडरेशन ने इसे लेकर सरकार से बात की है और बताया गया है कि कश्मीर में स्थिति नियंत्रित है। इसकी जानकारी पर्यटकों को दी गई है।
पर्यटन विभाग की ओर से देशभर में रोड शो किए जा रहे हैं। इसमें लोगों को कश्मीर आने का न्योता दिया जा रहा है। जैसे ही इसमें कुछ कामयाबी मिलती है, कश्मीर में कुछ न कुछ हो जाता है। सितंबर के बाद विभाग ने कई रोड शो किए।
अभी फिर आई बाढ़ के कारण लोगों के जेहन में कश्मीर को लेकर डर बैठ गया। अब फिर लोग कश्मीर में आने से कतरा रहे हैं। कश्मीर पर्यटन विभाग के निदेशक फारूक शाह का कहना है कि बाढ़ तो आई है, लेकिन इसका पीक सीजन पर असर नहीं पड़ेगा। यदि इससे अधिक स्थिति खराब होती है तो नुकसान हो सकता है।
पिछले चार दिन से हाईवे बंद पड़ा है। मंगलवार को आंशिक रूप से हाईवे खुला, लेकिन कश्मीर जाने वाले के लिए मुसीबत कम नहीं हुई। पिछले दो हफ्तों से कश्मीर से जम्मू का सफर प्रभावित हो रहा है।
पर्यटन पर निर्भर है कश्मीर घाटी
कश्मीर घाटी में पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति के कारण यहां के पर्यटन क्षेत्र पर काफी बुरा असर पड़ा है। घाटी में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में काफी निराशा है। कश्मीर आने वाले पर्यटकों द्वारा बुकिंग रद्द करवाई जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा ट्वीट कर लोगों से बुकिंग कैंसिल न करवाने को लेकर अपील करनी पड़ी। गौरतलब है कि कश्मीर घाटी की अधिकतर अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर करती है।
पर्यटन को काफी नुकसान उस समय पहुंचा था जब पिछले वर्ष सितंबर माह में घाटी में भीषण बाढ़ आई थी।
गर्मियां शुरू होने पर अब इस क्षेत्र से जुड़े लोगों में उम्मीद जगी थी कि आने वाला गर्मियों का सीजन उनकी सब मुश्किलें दूर करेगा, लेकिन शनिवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर फिर पानी फेर दिया।
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्यटकों द्वारा काफी संख्या में अपनी बुकिंग रद्द करवाई जा रही है। होटल और हाउस बोट भी खाली होने लगे हैं। विश्व प्रसिद्ध डल झील भी बिना शिकारों के सुनी दिख रही है।
पर्यटन पर पड़ी बाढ़ की मार
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े एक टूर ऑपरेटर अल्ताफ अहमद के अनुसार, सीजन शुरू होने लगा था। बुकिंग भी काफी आने लगी थी, लेकिन घाटी में पैदा हुई स्थिति से कई बुकिंग रद्द हुई हैं। वहीं हाउस बोट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीज तुमान के अनुसार, बाढ़ में हाऊस बोट ही सबसे ज्यादा सुरक्षित है, लेकिन हम पर्यटकों को कैसे समझाएं।
कश्मीर घाटी के पर्यटन क्षेत्र को हो रहे नुकसान को देख राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्वीट किया है कि कश्मीर में बाढ़ के कारण कई लोग अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं, उन्हें कुछ दिन इंतजार करना चाहिए, हालात बदल जाएंगे। कश्मीर घाटी में आई बाढ़ का असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है।
घाटी और वैष्णो देवी में आने वाले यात्रियों पर इसका असर पड़ा है। करीब दस फीसदी पर्यटकों ने अपने टूर पैकेज कैंसल करवा लिए हैं। कई लोग कश्मीर के हालात जानने के लिए पूछताछ कर रहे हैं। पीक सीजन को लेकर तैयारियों में जुटे पर्यटन विभाग की तैयारियों को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है।