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Jammu News: आतंक प्रभावित अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए केंद्र से उमर ने फिर मांगी मदद

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नई दिल्ली/जम्मू। पहलगाम आतंकवादी हमले से प्रभावित जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र से फिर मदद मांगी है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार से केंद्र शासित प्रदेशों का राजस्व 10-12 फीसदी घट जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद राजस्व सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।
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प्रदेश सरकार में उमर के पास वित्त विभाग भी है। उन्होंने 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पर्यटन, हस्तशिल्प, कृषि और बागवानी सहित प्रमुख आर्थिक क्षेत्र ठप पड़ गए हैं। जीएसटी परिषद को दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए बदलाव करने चाहिए पर ये भी जरूरी है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क्षतिपूर्ति के लिए भी उपयुक्त व्यवस्था की जाए।



...तो ठप हो जाएंगे पर्यटन, परिवहन, ऑटो मोबाइल क्षेत्र

उमर ने कहा कि वित्तीय संकट से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर को केंद्र का समर्थन बेहद जरूरी है। यदि समर्थन नहीं मिला तो अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र जैसे पर्यटन, परिवहन, निर्माण और ऑटोमोबाइल अप्रैल 2025 के बाद ठप हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री के रूप में मेरा मानना है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजकोषीय स्थिरता के लिए उपयुक्त तंत्र और सुरक्षा उपाय स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।
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ये समस्याएं भी गिनाईं

मुख्यमंत्री ने जीएसटी परिषद से देश के सामने मौजूद भू-राजनीतिक चुनौतियों और आतंकवादी हमले के बाद उनके क्षेत्र पर पड़े गंभीर वित्तीय दबावों का समाधान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने नौकरियों और व्यवसायों के भारी नुकसान और सार्वजनिक राजस्व में गिरावट का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पर्यटन, हस्तशिल्प, बागवानी और कृषि सहित आर्थिक गतिविधियों के सभी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हैं। गैर-स्थानीय श्रमिकों के पलायन ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास को धीमा कर दिया है।



दो-स्तरीय (पांच और 18 प्रतिशत) जीएसटी संरचना प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी मुख्य चिंता यह है कि हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि दरों का यह युक्तिकरण आम आदमी पर बोझ कम करे और इन विशिष्ट वस्तुओं और सेवाओं को हमारे देश के लोगों के लिए अधिक किफायती बनाएं।



राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर भी की बात

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर भी बात की और कहा कि देश के विकास पथ को भू-राजनीतिक चुनौतियों से अचानक चुनौती मिल रही है। उन्होंने औपनिवेशिक काल की व्यापार नीतियों की ओर भी इशारा किया। कहा कि इससे कृषि, हस्तशिल्प और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों के हज़ारों श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं। जुलाई 2017 में लागू जीएसटी को भारत के वित्तीय इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी संघीय कर सुधार बताते हुए उन्होंने कहा कि इन आठ वर्षों में, जीएसटी से दक्षता और राजस्व जुटाने में सुधार के साथ-साथ ईमानदार करदाताओं और डीलरों की सुविधा के लिए कर संरचना, प्रशासनिक तंत्र और तकनीकी क्षेत्र में कई कदम और पहल की गई हैं।
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