देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सोमवार को केंद्र सरकार ने कहा कि कुछ रोंहिग्या शरणार्थियों का पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से संपर्क है, इसलिए वे देश के लिए खतरा हैं।
केंद्र के इस तर्क पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सवाल खड़े किए हैं।उमर ने ट्वीट कर कहा कि यह एक खतरा, अगर ऐसा है तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा 2014 के बाद हुआ होगा।
इससे पहले तो यूनिफाइड हेडक्वार्टर मीटिंग में इस तरह की कोई इंटेलिजेंस रिपोर्ट सामने नहीं आई। गौरतलब है कि सोमवार को रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस म्यांमार भेजने की योजना पर केंद्र सरकार ने 16 पन्नों का हलफनामा दायर किया है।
इसमें केंद्र ने कहा कि कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क का पता चला है। ऐसे में ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरा साबित हो सकते हैं।