पूर्व मुख्यमंत्री तथा विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी तथा भाजपा गठबंधन सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर मंगलवार को सदन में उमर बोले- तीन साल में सरकार ने एक भी ऐसा काम नहीं किया जिसे बताया जा सके।
कश्मीर में शांति प्रयासों पर उमर ने कहा कि केंद्र की ओर से नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा सुपर सीएम की तरह बर्ताव कर रहे हैं। वे बिजली-पानी तथा सड़क की समस्या पर बात कर रहे हैं, नौकरियां दिलाने की बात हो रही है। यह सब दिनेश्वर शर्मा कर रहे हैं तो फिर मुख्यमंत्री क्या करेंगी? दोनों समानांतर ट्रैक पर चल रहे हैं।
दो सौ से अधिक आतंकियों के मारे जाने का श्रेय लेने पर तंज कसते हुए कहा कि उन पर एक बुरहान वानी को पैदा करने का आरोप लगाया जाता रहा है लेकिन पिछले डेढ़ साल में आपने (महबूबा का नाम लिए बगैर) कितने बुरहान वानी पैदा किए, इस पर कभी सोचा।
मुझ पर यदि एक का इल्जाम था तो आप पर कितनों का है? इस बात का आपको अहसास होना चाहिए। इतने अधिक आतंकियों के मारे जाने का सीधा मतलब है कि अधिक संख्या में युवा आतंक की राह थाम रहे हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण पर मंगलवार को विधानसभा में चर्चा करते हुए उमर ने कहा कि रियासत के हालात बदतर हो रहे हैं। हर क्षेत्र में हम पीछे जा रहे हैं। हुकूमत को बने तीन साल हो गए। यह समय मायने रखता है